छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब बस स्टैंड के पास स्थित एक बंद पड़ी पुलिस चौकी के अंदर एक कॉन्स्टेबल का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान कॉन्स्टेबल तरुण गंधर्व के रूप में हुई है, जो वर्तमान में नौगांव थाने में पदस्थ थे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तथा वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए।
प्रारंभिक जांच में पुलिस इस मामले को आत्महत्या मान रही है, हालांकि घटनास्थल से किसी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में पुलिस कई पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। यह भी जांच का विषय बना हुआ है कि जिस चौकी में शव मिला, वह लंबे समय से बंद और निष्क्रिय थी, फिर कॉन्स्टेबल वहां कैसे पहुंचे और उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे स्थानीय लोगों ने बंद पड़ी चौकी के अंदर एक व्यक्ति को फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही नौगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में शव की पहचान कॉन्स्टेबल तरुण गंधर्व के रूप में की गई। उस समय वह सिविल ड्रेस में थे, जिससे मामला और भी रहस्यमय हो गया है।
घटना स्थल नौगांव बस स्टैंड के समीप स्थित पुरानी पुलिस चौकी है, जिसे लंबे समय से उपयोग में नहीं लाया जा रहा था। इसी चौकी के सामने नई पुलिस चौकी संचालित हो रही है, जहां वर्तमान में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। ऐसे में यह सवाल खड़ा हो रहा है कि जब उनकी ड्यूटी वहां नहीं थी, तो वह सुबह-सुबह बंद चौकी तक क्यों पहुंचे।
मृतक तरुण गंधर्व की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष बताई जा रही है। वह मूल रूप से सागर जिले के निवासी थे और वर्तमान में नौगांव थाना क्षेत्र के गहरौली रोड पर अपने परिवार के साथ रह रहे थे। परिवार में उनकी पत्नी और करीब डेढ़ से दो साल की एक छोटी बच्ची है। उनके वृद्ध माता-पिता भी सागर में रहते हैं। घटना की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीओपी अमित मेश्राम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी। शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं, एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने भी मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक तरीके से जांच की और साक्ष्य जुटाए।
एसडीओपी अमित मेश्राम ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि कॉन्स्टेबल तरुण गंधर्व मानसिक तनाव में हो सकते हैं, हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर शव मिला है, वह पुरानी और बंद पड़ी चौकी है। सामने नई चौकी संचालित है, जहां सभी की ड्यूटी रहती है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि तरुण वहां किस उद्देश्य से पहुंचे थे।
एसडीओपी ने यह भी बताया कि घटना के समय तरुण की रात में किसी प्रकार की ड्यूटी नहीं थी। वह सिविल कपड़ों में मिले हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि वह चौकी तक कैसे पहुंचे और उनके वहां जाने के पीछे क्या कारण था। पुलिस उनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और व्यक्तिगत गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। साथी पुलिसकर्मी भी इस घटना से स्तब्ध हैं। कई पुलिसकर्मियों का कहना है कि तरुण सामान्य व्यवहार वाले व्यक्ति थे, हालांकि पिछले कुछ समय से वह तनाव में थे या नहीं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। विभागीय अधिकारियों द्वारा उनके सहकर्मियों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर पुलिस विभाग में बढ़ते मानसिक दबाव और तनाव की ओर इशारा करती है। लगातार ड्यूटी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और मानसिक दबाव कई बार पुलिसकर्मियों के जीवन पर गंभीर प्रभाव डालते हैं। हालांकि, इस मामले में वास्तविक कारण क्या है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
फिलहाल पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों के बीच जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले तरुण किन लोगों के संपर्क में थे और उन्होंने किसी को कोई संदेश या संकेत तो नहीं दिया था।
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह जब पुलिस चौकी के बाहर हलचल बढ़ी, तब जाकर उन्हें घटना की जानकारी मिली। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और जांच प्रक्रिया शुरू की।
मृतक कॉन्स्टेबल तरुण गंधर्व के निधन से उनके परिवार पर गहरा संकट आ गया है। एक ओर वृद्ध माता-पिता ने अपने बेटे को खो दिया, वहीं पत्नी और मासूम बच्ची के सिर से भी सहारा उठ गया। घटना की खबर सुनकर परिवार के लोग बदहवास हो गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जा रही है। हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके। फिलहाल पूरे मामले ने नौगांव सहित जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।