दमोह में बिजली चोरी पर बड़ा एक्शन: AC चलाने वाले 12 उपभोक्ता पकड़े गए, 2 लाख का जुर्माना !

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मध्य प्रदेश के दमोह शहर में गुरुवार को बिजली विभाग ने बिजली चोरी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। विभाग की चार अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न इलाकों में सघन जांच की, जिसमें 12 उपभोक्ता बिजली चोरी करते हुए पकड़े गए। जांच में यह भी सामने आया कि कई लोग चोरी की बिजली से एयर कंडीशनर (AC) जैसे भारी उपकरण चला रहे थे।

कार्रवाई के दौरान विभाग ने सभी आरोपियों पर कुल लगभग 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया और विद्युत अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए।

अधिक बिजली खपत वाले इलाकों पर थी नजर

यह अभियान अधीक्षण अभियंता दमोह के निर्देश पर चलाया गया। बिजली विभाग लंबे समय से ऐसे इलाकों की निगरानी कर रहा था जहां बिजली की खपत अधिक थी, लेकिन बिल बेहद कम आ रहे थे।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार विशेष रूप से उन संपन्न उपभोक्ताओं को चिन्हित किया गया था:

  • जिनके घरों में एयर कंडीशनर लगे हुए थे,
  • भारी विद्युत भार का उपयोग किया जा रहा था,
  • लेकिन बिजली बिल वास्तविक खपत की तुलना में बहुत कम आ रहा था।

चार टीमों ने कई इलाकों में की जांच

गुरुवार को गठित चार टीमों ने शहर के कई क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई की। जांच अभियान मुख्य रूप से:

  • सिंधी कैंप,
  • मंडी क्षेत्र,
  • तीन गुल्ली चौराहा

के आसपास चलाया गया।

अचानक हुई चेकिंग से कई जगह हड़कंप मच गया। विभागीय टीमों ने घरों के मीटर, केबल और बिजली कनेक्शन की गहन जांच की।

मीटर से छेड़छाड़ और डायरेक्ट केबल से चोरी

जांच के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। इनमें:

  • मीटर से छेड़छाड़,
  • सीधे बिजली लाइन से केबल जोड़ना,
  • स्वीकृत लोड से अधिक बिजली का उपयोग,
  • अवैध कनेक्शन के जरिए एसी और अन्य उपकरण चलाना

जैसे मामले शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि कुछ उपभोक्ता घरेलू कनेक्शन पर भारी व्यावसायिक लोड का भी उपयोग कर रहे थे।

मौके पर काटी गई बिजली लाइनें

बिजली चोरी पकड़े जाने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित उपभोक्ताओं की लाइनें काट दीं। मौके से अवैध रूप से उपयोग किए जा रहे तार और केबल भी जब्त किए गए।

विभाग ने सभी आरोपियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत केस दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जुर्माना जमा नहीं करने पर आगे कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

बिजली चोरी से विभाग को होता है बड़ा नुकसान

विशेषज्ञों के अनुसार बिजली चोरी से:

  • विभाग को करोड़ों रुपए का नुकसान होता है,
  • ट्रांसफार्मर और लाइन पर अतिरिक्त भार बढ़ता है,
  • आम उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज और बिजली कटौती जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

गर्मी के मौसम में एसी और कूलर के बढ़ते उपयोग के कारण बिजली की मांग पहले से ही अधिक रहती है। ऐसे में बिजली चोरी से पूरे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

बिजली विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों में संदिग्ध खपत और कम बिल पाए जाएंगे, वहां अचानक जांच की जाएगी।

विभाग ने लोगों से अपील की है कि:

  • वैध कनेक्शन का उपयोग करें,
  • मीटर से छेड़छाड़ न करें,
  • बिजली चोरी जैसी गतिविधियों से बचें।

दमोह में बिजली विभाग की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब बिजली चोरी करने वालों पर सख्ती बढ़ाई जाएगी। खासतौर पर भारी लोड और एसी चलाने वाले उपभोक्ताओं की निगरानी की जा रही है। विभाग का मानना है कि नियमित जांच और सख्त कार्रवाई से बिजली चोरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

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