दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के मां बनने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। शनिवार शाम हटा सिविल अस्पताल में भर्ती हुई किशोरी ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। मामले की जानकारी सामने आते ही अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस सतर्कता से कार्रवाई कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर नाबालिग लड़की को पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजन उसे हटा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। शुरुआत में सामान्य बीमारी समझकर उसे भर्ती कराया गया, लेकिन जांच के दौरान डॉक्टरों और स्टाफ को उसके गर्भवती होने का पता चला। इसके बाद तत्काल उसे लेबर रूम में भेजा गया, जहां स्टाफ नर्सों और डॉक्टरों की निगरानी में उसका प्रसव कराया गया।
सिविल अस्पताल के डॉ. महिपाल अहिरवार ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय लड़की को तेज पेट दर्द की शिकायत थी। प्रारंभिक जांच के बाद उसे प्रसव कक्ष में भेजा गया, जहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। डॉक्टरों के अनुसार मां और नवजात बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और अस्पताल में उनकी निगरानी की जा रही है।

मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब अस्पताल प्रबंधन को लड़की की उम्र को लेकर संदेह हुआ। परिजनों ने अस्पताल रिकॉर्ड में उसकी उम्र 18 वर्ष दर्ज कराई थी, ताकि मामला सामान्य लगे और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने दस्तावेजों की जांच की तो पता चला कि लड़की की वास्तविक उम्र 17 वर्ष से कम है। उम्र की पुष्टि होते ही अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को मामले की सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसमें पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल नाबालिग और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

पुलिस का कहना है कि लड़की के बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसके साथ यह घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मामला प्रेम संबंध का है या फिर किसी प्रकार के शोषण का। यदि नाबालिग के साथ जबरन संबंध बनाए जाने की बात सामने आती है तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में जागरूकता और निगरानी की आवश्यकता है। वहीं पुलिस और महिला बाल विकास विभाग भी मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
फिलहाल परिजन इस पूरे मामले पर मीडिया या अन्य लोगों के सामने कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पुलिस का कहना है कि नाबालिग की काउंसलिंग कराई जाएगी और उसके बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।