राजधानी भोपाल में तेजी से बढ़ती आबादी और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस कमिश्नरेट एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाने जा रहा है। पुलिस कमिश्नरेट भोपाल के सबसे बड़े थाना क्षेत्रों में शामिल निशातपुरा थाने का अब बंटवारा होने वाला है। जल्द ही कृषि उपज मंडी चौकी को उन्नत कर “थाना करोंद मंडी” के रूप में नई पहचान दी जाएगी। पुलिस मुख्यालय द्वारा इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है और जल्द ही इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
नया थाना अस्तित्व में आने के बाद निशातपुरा थाना क्षेत्र का दायरा कम हो जाएगा और करोंद मंडी क्षेत्र की लगभग डेढ़ लाख आबादी को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बेहतर होगी और अपराधों पर अधिक प्रभावी तरीके से नियंत्रण किया जा सकेगा।
तेजी से बढ़ रहा है करोंद मंडी क्षेत्र
भोपाल का करोंद मंडी इलाका पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है। यहां नई कॉलोनियों का विस्तार हुआ है, व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ी हैं और जनसंख्या में भी लगातार इजाफा हुआ है। बढ़ती आबादी के साथ अपराधों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
वर्तमान में यह पूरा क्षेत्र निशातपुरा थाने के अधीन आता है, जिसका क्षेत्रफल और जनसंख्या दोनों ही बहुत अधिक हैं। निशातपुरा थाना क्षेत्र की आबादी तीन लाख से ज्यादा बताई जा रही है। ऐसे में पुलिस बल और संसाधनों पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा था।
इसी को देखते हुए लंबे समय से कृषि उपज मंडी चौकी को थाना बनाने की मांग उठ रही थी। अब इस दिशा में प्रशासनिक प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

चौकी से थाना बनने तक का सफर
फिलहाल कृषि उपज मंडी क्षेत्र में पुलिस चौकी संचालित हो रही है। यहां सब-इंस्पेक्टर विनोद पंथी चौकी प्रभारी के रूप में पदस्थ हैं। उनके साथ कुल 11 पुलिसकर्मी तैनात हैं। चौकी स्तर पर सीमित संसाधनों में पुलिसकर्मी क्षेत्र की निगरानी और कानून-व्यवस्था संभाल रहे हैं।
हालांकि बड़े मामलों में कार्रवाई के लिए उन्हें निशातपुरा थाने पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार अपराध दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी या अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में समय लग जाता है।
थाना बनने के बाद यह स्थिति पूरी तरह बदल जाएगी। करोंद मंडी थाना स्वतंत्र रूप से एफआईआर दर्ज कर सकेगा और मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव हो पाएगी। इससे लोगों को अपनी शिकायतों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और पुलिसिंग व्यवस्था अधिक मजबूत होगी।
नए थाने में मिलेगा अतिरिक्त स्टाफ और संसाधन
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, थाना मंजूर होने के बाद यहां अतिरिक्त पुलिस बल, वाहन और जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। नए भवन के लिए जमीन की तलाश भी की जाएगी।
थाना बनने के बाद क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाएगी। संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
पुलिस का मानना है कि स्थानीय स्तर पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से अपराधियों में भय का माहौल बनेगा और आम लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
करोंद चौराहे से होगा क्षेत्र का विभाजन
प्रस्ताव के अनुसार, करोंद चौराहे से थाना क्षेत्र का बंटवारा किया जाएगा। बीएमएचआरसी की ओर का पूरा हिस्सा नए करोंद मंडी थाने में शामिल होगा।
यह क्षेत्र कई महत्वपूर्ण संस्थानों और घनी आबादी वाली कॉलोनियों से जुड़ा हुआ है। यहां भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (बीएमएचआरसी), पीपुल्स यूनिवर्सिटी समेत कई बड़े संस्थान मौजूद हैं। इसके अलावा सब्जी मंडी, व्यापारिक गतिविधियां और ट्रांसपोर्ट से जुड़ी हलचल भी इस इलाके को संवेदनशील बनाती है।
अपराध और जनसंख्या के आंकड़ों ने बढ़ाई जरूरत
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक निशातपुरा थाना क्षेत्र में हर साल लगभग 1100 अपराध दर्ज होते हैं। इनमें से करीब 350 मामले केवल कृषि उपज मंडी चौकी क्षेत्र से संबंधित होते हैं।
प्रस्तावित करोंद मंडी थाना क्षेत्र में लगभग 1.50 लाख आबादी आएगी और यहां हर साल 400 से अधिक अपराध दर्ज होने का अनुमान है।
शहरी क्षेत्र में नया थाना खोलने के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुसार कम से कम 50 हजार आबादी और 300 से अधिक अपराध होना आवश्यक माना जाता है। करोंद मंडी क्षेत्र इन सभी मानकों पर खरा उतरता है। यही वजह है कि चौकी को थाना बनाने का प्रस्ताव तेजी से आगे बढ़ाया गया।
साम्प्रदायिक संवेदनशीलता भी बड़ी वजह
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निशातपुरा और करोंद मंडी क्षेत्र में मिश्रित समुदाय निवास करता है। कई इलाकों में संकरी गलियां और घनी बस्तियां हैं। पूर्व में यहां साम्प्रदायिक तनाव और विवाद जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
ऐसे में किसी भी संवेदनशील स्थिति में त्वरित पुलिस कार्रवाई बेहद जरूरी हो जाती है। नया थाना बनने से प्रतिक्रिया समय कम होगा और स्थानीय स्तर पर हालात को तेजी से नियंत्रित किया जा सकेगा।
पुलिस कमिश्नरेट का होगा 40वां थाना
करोंद मंडी थाना पुलिस कमिश्नरेट भोपाल का 40वां थाना होगा। इससे पहले कोलार थाने का बंटवारा कर कजलीखेड़ा थाना बनाया गया था, जिसका सकारात्मक प्रभाव क्षेत्र में देखने को मिला था।
उसी मॉडल पर अब करोंद मंडी क्षेत्र में भी नया थाना बनाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पुलिस व्यवस्था अधिक विकेंद्रीकृत होगी और स्थानीय समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा।
नया थाना बनने से आम नागरिकों को भी बड़ी राहत मिलेगी। शिकायत दर्ज कराने, विवादों के निपटारे और पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान होगी। साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।