जबलपुर में आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदा से निपटने के लिए होमगार्ड विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मध्यप्रदेश होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा संगठन के मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर जबलपुर संभाग में विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण 7 मई से 9 मई तक गौरीघाट स्थित नर्मदा नदी में आयोजित किया गया, जहां जवानों को बाढ़ और जल आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की व्यावहारिक जानकारी दी गई।
तीन दिवसीय इस संभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जबलपुर सहित कटनी, मंडला और नरसिंहपुर समेत कई जिलों के चयनित होमगार्ड जवानों ने भाग लिया। कुल 51 जवानों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित बाढ़, तेज जल बहाव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है।

गौरीघाट में आयोजित इस प्रशिक्षण के दौरान जवानों को वास्तविक परिस्थितियों जैसा अभ्यास कराया गया। नर्मदा नदी के तेज बहाव में तैराकी, पानी में लंबे समय तक संतुलन बनाए रखना और सुरक्षित तरीके से सांस लेने की तकनीक सिखाई गई। इसके अलावा पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, रस्सियों के माध्यम से रेस्क्यू करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया की विशेष तकनीकों का भी अभ्यास कराया गया।
प्रशिक्षण में आधुनिक बचाव उपकरणों के संचालन की भी जानकारी दी गई। जवानों को मोटर बोट चलाने, चप्पू और ओअर के सही उपयोग तथा आउटबोर्ड मोटर (OBM) हैंडलिंग का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि बारिश के मौसम में कई बार तेज बहाव और बाढ़ की स्थिति में नाव संचालन बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है, इसलिए जवानों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाना जरूरी है।
इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) के जवानों की भी भागीदारी रही। SDRF विशेषज्ञों ने होमगार्ड जवानों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और त्वरित बचाव कार्यों के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान संयुक्त अभ्यास भी कराया गया, ताकि आपात स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।

पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम डिवीजनल कमांडेंट और जिला सेनानी प्रशिक्षण प्रभारी नीरज सिंह ठाकुर की निगरानी में संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान नर्मदा और अन्य नदियों के किनारे बसे इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की संभावना रहती है। ऐसे में प्रशिक्षित जवान राहत एवं बचाव कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल तकनीकी दक्षता बढ़ाना नहीं, बल्कि जवानों को मानसिक रूप से भी कठिन परिस्थितियों के लिए तैयार करना है। विभाग का मानना है कि समय पर और प्रशिक्षित प्रतिक्रिया से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।
होमगार्ड विभाग द्वारा मानसून से पहले शुरू की गई यह तैयारी आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।