सीहोर जिले के दोराहा थाना क्षेत्र में पदस्थ एक आरक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। आरक्षक जितेंद्र वर्मा का शव उनके किराए के मकान में फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, जितेंद्र वर्मा दोराहा थाने में पदस्थ थे और थाना क्षेत्र में ही किराए के मकान में अकेले रहते थे। रविवार सुबह जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकले, तो पड़ोसियों को संदेह हुआ। पड़ोसियों ने दरवाजा खटखटाया और आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद लोगों ने खिड़की से झांककर देखा तो आरक्षक का शव कमरे में फंदे पर लटका हुआ दिखाई दिया।

घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही दोराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने कमरे का निरीक्षण किया और शव को नीचे उतारकर कब्जे में लिया। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना की सूचना मिलने पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और जांच के निर्देश दिए।
पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि जितेंद्र वर्मा यहां अकेले रहते थे और सामान्य व्यवहार करते थे। उन्होंने कभी किसी विवाद या परेशानी का जिक्र नहीं किया था। हालांकि पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या वह किसी मानसिक तनाव या व्यक्तिगत समस्या से गुजर रहे थे।
मामले को लेकर एसडीओपी पूजा शर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में व्यक्तिगत कारणों के चलते आत्महत्या की आशंका सामने आई है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की बारीकी से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
पुलिस मृतक आरक्षक के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। साथ ही परिवार के सदस्यों और सहकर्मियों से पूछताछ की जाएगी ताकि घटना के पीछे की वजह सामने आ सके।
इस घटना के बाद पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। सहकर्मियों ने जितेंद्र वर्मा को शांत और जिम्मेदार कर्मचारी बताया है। वहीं स्थानीय लोगों ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।