तमिल सिनेमा के सुपरस्टार से राजनेता बने थलापति विजय ने रविवार को ऐतिहासिक पल में तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह शपथ ग्रहण समारोह चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भव्य रूप से आयोजित किया गया, जहां राजनीतिक, फिल्मी और सामाजिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। समारोह के दौरान माहौल पूरी तरह उत्साह और ऐतिहासिक परिवर्तन की भावना से भरा नजर आया।
विजय ने सुबह करीब 10:15 बजे तमिल भाषा में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस दौरान उन्होंने भारत के संविधान के प्रति निष्ठा, राज्य के विकास और सभी नागरिकों के प्रति समान न्याय की बात कही। शपथ ग्रहण के समय उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वे किसी दबाव या भय के बिना कार्य करेंगे और तमिलनाडु के सभी लोगों के हित में निर्णय लेंगे।
समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मौजूदगी भी चर्चा का विषय रही। बताया जा रहा है कि नई सरकार को कई सहयोगी दलों का समर्थन प्राप्त है, जिससे राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।

शपथ ग्रहण के तुरंत बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी कई हस्तियों ने विजय को बधाई दी। दिग्गज अभिनेता कमल हासन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि वे विजय को शुभकामनाएं देते हैं और उम्मीद करते हैं कि उनके नेतृत्व में तमिलनाडु नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने उन्हें अपना भाई बताते हुए भावनात्मक संदेश भी साझा किया।
इसी तरह अभिनेता प्रकाश राज ने भी ट्वीट कर विजय को बधाई दी और कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य प्रगति करेगा। उन्होंने नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
अभिनेता आर माधवन ने भी सोशल मीडिया पर विजय के लिए भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें विजय पर गर्व है और उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल से राज्य को बहुत लाभ मिलेगा।
समारोह में अभिनेत्री तृषा कृष्णन भी शामिल हुईं। उन्होंने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से भावनात्मक रूप से गले मिलीं। विजय की मां ने भी बेटे के मुख्यमंत्री बनने पर खुशी जताई और इसे अपने जीवन का यादगार क्षण बताया।
शपथ ग्रहण के दौरान एक दिलचस्प क्षण भी देखने को मिला जब विजय अपने संबोधन में निर्धारित शपथ वाक्य से आगे बोलने लगे, जिस पर राज्यपाल ने उन्हें नियम अनुसार केवल निर्धारित शपथ पढ़ने के लिए टोका। इसके बाद उन्होंने शपथ पूरी की।
इस नई सरकार में कुल 9 मंत्रियों ने भी शपथ ली, जो मुख्य रूप से विजय की पार्टी से ही जुड़े हुए हैं। सहयोगी दलों के विधायकों को फिलहाल मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह शपथ ग्रहण तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है, क्योंकि लंबे समय बाद राज्य में गैर-द्रविड़ दल की सरकार बनी है। विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम ने अपने पहले ही चुनाव में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में यह सरकार विकास, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित करेगी। वहीं, जनता की अपेक्षाएं भी इस नई सरकार से काफी बढ़ गई हैं।
कुल मिलाकर, थलापति विजय का मुख्यमंत्री बनना केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।