सागर। विदेश यात्रा का सपना दिखाकर लोगों से लाखों रुपए ठगने वाले एक शातिर आरोपी को सागर की मोतीनगर थाना पुलिस ने उत्तराखंड से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने ‘लव फॉर माउंटेन’ नाम से फर्जी टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी बनाकर सागर निवासी युवक से वियतनाम टूर के नाम पर 9 लाख 6 हजार 800 रुपए ठग लिए थे। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से तकनीकी जांच करते हुए आरोपी को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले से गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
मामले की शुरुआत फरवरी 2026 में हुई, जब सुभाष नगर वार्ड निवासी Ajay Makhija ने मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। अजय ने पुलिस को बताया कि उन्होंने परिवार के साथ वियतनाम घूमने की योजना बनाई थी। इंटरनेट पर टूर पैकेज की तलाश के दौरान उन्हें ‘लव फॉर माउंटेन’ नामक कंपनी की जानकारी मिली। कंपनी के संचालक Rakesh Singh Bisht ने उनसे संपर्क कर भरोसे में लिया और विदेश यात्रा से जुड़ी सुविधाओं का लालच दिया।

आरोपी ने आकर्षक पैकेज और कम कीमत में वियतनाम टूर कराने का दावा किया। उसने अजय माखीजा से अलग-अलग किस्तों में कुल 9 लाख 6 हजार 800 रुपए अपने खातों में जमा करवा लिए। रुपए लेने के बाद उसने अक्टूबर 2025 में टिकट उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, लेकिन समय बीतने के बाद भी टिकट नहीं दिए।
जब अजय ने आरोपी से दोबारा संपर्क किया तो उसने नया बहाना बनाते हुए कहा कि वियतनाम में भारी बारिश और बाढ़ के कारण यात्रा सुरक्षित नहीं है। भरोसा दिलाने के लिए उसने बाढ़ की कुछ तस्वीरें भी भेजीं और कहा कि दिसंबर में टिकट उपलब्ध करा दिए जाएंगे। दिसंबर आने पर भी टिकट नहीं मिले तो आरोपी ने एक और कहानी गढ़ दी। उसने कहा कि वियतनाम में युद्ध जैसे हालात हैं और फरवरी तक टिकट कन्फर्म हो जाएंगे।

लगातार बहाने सुनकर अजय को शक हुआ। फरवरी 2026 में भी जब कोई टिकट नहीं मिला और आरोपी टालमटोल करता रहा, तब उन्होंने मोतीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की भनक लगते ही आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया और फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मोतीनगर थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली। पुलिस ने फरियादी द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर, कंपनी की ऑनलाइन आईडी और बैंक खातों की जानकारी खंगालनी शुरू की। कंपनी के रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों की भी जांच की गई। तकनीकी विश्लेषण के दौरान आरोपी के मोबाइल नंबर का एक महीने का डेटा निकाला गया, जिसमें उसकी लोकेशन उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के पिलोली गांव में मिली।
लोकेशन ट्रेस होते ही सागर पुलिस की टीम उत्तराखंड रवाना हुई। पुलिस ने पिलोली गांव में दबिश देकर आरोपी राकेश सिंह विष्ट को गिरफ्तार कर लिया और 6 मई को सागर लेकर आई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग, सट्टा, हॉर्स ट्रेडिंग और शेयर मार्केट का आदी था। अपने महंगे शौक पूरे करने के लिए उसने करीब ढाई साल पहले उत्तराखंड में ‘लव फॉर माउंटेन’ नाम से टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी रजिस्टर्ड कराई थी। इसके बाद उसने एक आकर्षक वेबसाइट तैयार करवाई, जिस पर विदेशी यात्राओं के सस्ते पैकेज दिखाए जाते थे।

आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से ग्राहकों को अपने जाल में फंसाता था। पर्यटक जब उससे संपर्क करते थे तो वह भरोसेमंद तरीके से बातचीत कर उन्हें टूर पैकेज का लालच देता था। पैसे जमा होते ही वह मोबाइल बंद कर गायब हो जाता था। पुलिस को आशंका है कि उसने कई अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी की हो सकती है।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के पारिवारिक और सामाजिक पृष्ठभूमि की भी जानकारी जुटाई। पता चला कि राकेश अपने परिवार का इकलौता बेटा है और उसकी पांच बहनें हैं। उसके माता-पिता अल्मोड़ा जिले के गांव में खेती-किसानी करते हैं। परिवार आर्थिक रूप से सामान्य स्थिति में है।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि राकेश बचपन से ही बिगड़ैल प्रवृत्ति का था। उसका दोस्तों का दायरा भी ठीक नहीं था। परिवार वाले उसे गलत गतिविधियों से दूर रहने की सलाह देते थे, लेकिन उसने कभी उनकी बात नहीं मानी। धीरे-धीरे वह आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ता चला गया।
सागर पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन टूर पैकेज बुक करते समय लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी कंपनी की प्रामाणिकता जांचे बिना बड़ी रकम ट्रांसफर नहीं करनी चाहिए। साथ ही केवल भरोसेमंद और सत्यापित ट्रेवल कंपनियों के माध्यम से ही विदेश यात्रा की बुकिंग करनी चाहिए।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर साइबर ठगी और ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसने देश के अन्य राज्यों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।