दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर खाली कुप्पे रखकर किया प्रदर्शन, एक घंटे तक बाधित रहा यातायात !

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दमोह। भीषण गर्मी के बीच पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा। दमोह-सागर स्टेट हाईवे पर कोरासा गांव के पास ग्रामीणों ने खाली कुप्पे रखकर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में पिछले लंबे समय से पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं किया जा रहा।

सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सड़क जाम होने से यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जल निगम की पाइपलाइन और पानी की टंकी तो बनी हुई है, लेकिन पानी की सप्लाई नियमित नहीं हो रही। उनका कहना है कि तीन से चार दिन के अंतराल में पानी छोड़ा जाता है और उसका दबाव इतना कम रहता है कि पानी घरों तक पहुंच ही नहीं पाता।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगे दो हैंडपंप भी पर्याप्त पानी नहीं दे रहे। कई बार हैंडपंप सूख जाते हैं या बहुत कम पानी निकलता है। ऐसे में गांव की महिलाओं और बच्चों को दूर-दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। तेज गर्मी के बीच पानी के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार गांव के सरपंच और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लगातार अनदेखी के कारण आखिरकार ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। महिलाओं ने खाली कुप्पे और बर्तन सड़क पर रखकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि पानी जैसी मूलभूत जरूरत के लिए उन्हें बार-बार संघर्ष करना पड़ रहा है।

सूचना मिलने के बाद सागर नाका चौकी प्रभारी विक्रम दांगी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने और जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक उन्हें पानी की समस्या के समाधान का ठोस आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे जाम नहीं हटाएंगे।

स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। कुछ देर बाद नायब तहसीलदार पारूल चौधरी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याएं विस्तार से सुनीं।

ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार को बताया कि गांव में जल संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। गांव दमोह शहर से सटा होने के बावजूद पानी की समस्या से जूझ रहा है, जिससे लोगों में काफी नाराजगी है।

नायब तहसीलदार पारूल चौधरी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल निगम के अधिकारियों से तुरंत चर्चा कर गांव में पर्याप्त दबाव के साथ नियमित पानी सप्लाई सुनिश्चित कराई जाएगी। साथ ही गांव का निरीक्षण कर अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी की जाएंगी ताकि लोगों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।

प्रशासन के आश्वासन के बाद करीब 11 बजे ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। इसके बाद हाईवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हालांकि जाम के दौरान सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंसे रहे और लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट की गंभीर स्थिति को उजागर कर दिया है। गर्मी बढ़ने के साथ ही कई गांवों में जल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाए और जल संकट से निपटने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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