दमोह में लापता भाई-बहन तीन घंटे में मिले सुरक्षित !

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दमोह। दमोह शहर के मागंज वार्ड-3 से रविवार रात लापता हुए भाई-बहन को पुलिस ने महज तीन घंटे के भीतर सुरक्षित ढूंढ निकाला। बच्चों के अचानक घर से गायब होने के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई और शहरभर में सर्चिंग अभियान चलाकर दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया।

लापता बच्चों में 10 वर्षीय बालक और उसकी 7 वर्षीय बहन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि रविवार शाम दोनों बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। काफी देर तक बच्चों का कोई पता नहीं चलने पर परिजनों ने आसपास खोजबीन शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश करने के बावजूद जब बच्चों का सुराग नहीं मिला, तब परिजनों ने कोतवाली थाना पहुंचकर पुलिस को सूचना दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के निर्देश पर तत्काल गुमशुदगी दर्ज की गई और बच्चों की तलाश शुरू कर दी गई।

पुलिस ने बच्चों की खोज के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया। इसके बाद पूरे शहर में सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया। पुलिस टीम ने सबसे पहले बच्चों के घर के आसपास के क्षेत्रों की तलाशी ली। इसके साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, जिला अस्पताल और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी बच्चों की तलाश की गई।

पुलिस टीम लगातार बच्चों के संभावित ठिकानों और रास्तों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि राय चौराहे के पास दो छोटे बच्चे अकेले घूमते दिखाई दिए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।

पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वे खेलते-खेलते घर से काफी दूर निकल गए थे और रास्ता भटक गए। रात होने के कारण वे घर का रास्ता नहीं पहचान पाए और इधर-उधर घूमते रहे।

बच्चों के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने दोनों बच्चों को कोतवाली थाना लाकर उनके परिजनों को बुलाया और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उन्हें सौंप दिया। बच्चों को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।

परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के लिए आभार जताया। उनका कहना था कि यदि पुलिस समय रहते सक्रिय नहीं होती, तो कोई बड़ी घटना भी हो सकती थी।

कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने अभिभावकों से अपील की है कि वे छोटे बच्चों पर विशेष नजर रखें और उन्हें देर शाम अकेले बाहर न जाने दें। उन्होंने कहा कि बच्चों को घर का पता और जरूरी जानकारी भी सिखानी चाहिए, ताकि ऐसी स्थिति में वे सुरक्षित रह सकें।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस लगातार सतर्क रहती है और किसी भी गुमशुदगी की सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी पुलिस टीम की तत्परता और समन्वय के कारण दोनों बच्चों को कम समय में सुरक्षित खोज लिया गया।

घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता की सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की तेज कार्रवाई से एक संभावित बड़ी परेशानी टल गई। वहीं यह घटना अभिभावकों के लिए भी एक सीख बनकर सामने आई है कि बच्चों की सुरक्षा और निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

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