ग्वालियर में खौफनाक पारिवारिक संघर्ष: बहू बनी मास्टरमाइंड, सास पर गला दबाकर जानलेवा हमला; 12 लोगों पर FIR ! के नारायण विहार क्षेत्र में एक मामूली घरेलू विवाद ने भयावह रूप ले लिया और पूरा मामला हिंसक संघर्ष में बदल गया। पति-पत्नी के बीच शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ गया कि इसमें पूरे परिवार की दखलअंदाजी और बाहर से बुलाए गए लोगों की एंट्री ने स्थिति को पूरी तरह बेकाबू कर दिया। इस घटना में सास और पति गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि कई लोग हमले के बाद फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, 27 मार्च की रात करीब 10 बजे पति संजू और उसकी पत्नी सोनम के बीच किसी घरेलू मुद्दे को लेकर कहासुनी हुई थी। यह विवाद पहले तो सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर में यह पारिवारिक संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि विवाद के बाद पत्नी सोनम ने अपने मायके पक्ष को फोन कर ससुराल बुला लिया।

कुछ समय बाद ही सोनम के पिता, माता और भाई सहित करीब 10 से 12 लोग एक स्कॉर्पियो वाहन से मौके पर पहुंचे। इसके बाद घर में अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया और गाली-गलौज शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया और घर में अफरा-तफरी मच गई।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, हमलावरों ने सबसे पहले दामाद संजू पर हमला किया। उसे लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद मामला और भी भयावह हो गया जब सास गुड्डी देवी को निशाना बनाया गया।
आरोप है कि बहू की मौजूदगी में उसकी मां वैजन्ती ने सास गुड्डी देवी को पकड़कर जमीन पर गिराया और उसकी छाती पर बैठकर गला दबा दिया। इस दौरान सास की हालत बेहद गंभीर हो गई और उनके मुंह व नाक से खून निकल आया। परिजनों का कहना है कि यह एक सुनियोजित हमला था, जिसमें पूरे परिवार ने मिलकर हिंसा की।
हमले के दौरान घर के अंदर तोड़फोड़ भी की गई। आरोपियों ने बाइक, ई-स्कूटी और वॉशिंग मशीन सहित कई घरेलू सामानों को नुकसान पहुंचाया। घर में चीख-पुकार और हंगामे के बीच पड़ोसी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुके थे।

घटना के बाद दोनों पीड़ितों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। सास गुड्डी देवी को आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां वह करीब 5 दिन तक रही। इसके बाद उन्हें 10 दिन तक जनरल वार्ड में इलाज चलाना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार, गला दबाने की वजह से उनकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बावजूद पुलिस कार्रवाई में देरी हुई। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि कई लोग घर में घुसते हैं, मारपीट करते हैं और फिर भाग जाते हैं। इसके बावजूद एफआईआर दर्ज करने में करीब डेढ़ महीने का समय लग गया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उन्होंने कई बार थाने और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन शुरुआत में उनकी सुनवाई नहीं हुई। बाद में लगातार प्रयासों के बाद मामला दर्ज किया गया।

पुलिस के अनुसार, अब इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि एक पारिवारिक विवाद इतना गंभीर रूप कैसे ले सकता है, जहां महिलाएं भी हिंसा में शामिल पाई गईं।
यह मामला न केवल पारिवारिक रिश्तों में बढ़ते तनाव को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि समय पर विवाद न सुलझने पर यह किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। पुलिस अब इस मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।