राजधानी भोपाल में रिटायर्ड जज के परिवार से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में हुई 34 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत ने अब बड़ा कानूनी और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है। मृतका के परिजनों के लगातार विरोध और प्रदर्शन के बाद पुलिस ने आखिरकार रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह और उनके बेटे अधिवक्ता समर्थ सिंह के खिलाफ दहेज हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरोपी मां-बेटे अंडरग्राउंड बताए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक दोनों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मामले ने पूरे भोपाल में चर्चा और राजनीतिक-सामाजिक बहस को जन्म दे दिया है।

छह महीने पहले हुई थी शादी
मूल रूप से नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की शादी 12 दिसंबर 2025 को भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन निवासी अधिवक्ता समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ जिला न्यायालय में वकालत करते हैं, जबकि उनकी मां गिरीबाला सिंह रिटायर्ड जिला जज हैं।
बताया जा रहा है कि ट्विशा ने एमबीए की पढ़ाई की थी और दिल्ली की एक निजी कंपनी में नौकरी करती थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात डेटिंग एप के जरिए समर्थ सिंह से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और परिवार की सहमति से शादी कर दी गई।
घर में फंदे पर मिला था शव
मंगलवार रात करीब 10 बजे ट्विशा शर्मा का शव घर की छत पर लगे पाइप से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका मिला था। पति समर्थ सिंह उन्हें तुरंत भोपाल स्थित AIIMS Bhopal लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही कटारा हिल्स थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मृतका के मायके पक्ष ने इसे हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए।

परिजनों ने लगाया हत्या और सबूत मिटाने का आरोप
मृतका के परिवार का आरोप है कि ट्विशा की हत्या की गई है और उसके बाद आत्महत्या की झूठी कहानी गढ़ी गई। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह ने सबूत मिटाने की कोशिश की और पुलिस शुरुआत में आरोपियों को बचाने का प्रयास करती रही।
परिजनों का कहना है कि समर्थ सिंह एक अधिवक्ता हैं और उनकी मां रिटायर्ड जज होने के कारण प्रभावशाली हैं। इसी रसूख के चलते पुलिस तत्काल कार्रवाई से बचती रही।

मेजर हर्षित शर्मा ने बताया कि बुधवार रात वे परिवार के साथ इंसाफ की मांग लेकर कटारा हिल्स थाने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने मुख्य गेट बंद कर दिया। परिवार रात करीब 12 बजे तक थाने के बाहर खड़ा रहा, लेकिन किसी अधिकारी ने बातचीत तक नहीं की।
महिला थाना और कमिश्नर कार्यालय में प्रदर्शन
गुरुवार को मृतका के परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में महिला थाना और पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी सास-बहू की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने पुलिस पर बदसलूकी और मामले को दबाने का आरोप भी लगाया। लगातार बढ़ते दबाव और विरोध के बाद देर रात पुलिस ने मामला दर्ज किया।
दहेज हत्या समेत कई धाराओं में FIR
एसीपी रजनीश कश्यप कौल ने बताया कि आरोपी मां-बेटे के खिलाफ दहेज हत्या, दहेज प्रताड़ना और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की दो टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं और उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिवार के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि परिजन पुलिस जांच पर अब भी सवाल उठा रहे हैं।
अंतिम संस्कार रोककर बैठे रहे परिजन
ट्विशा शर्मा की मौत के दो दिन बाद तक परिवार ने अंतिम संस्कार नहीं किया। परिजनों ने साफ कहा था कि जब तक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं होगा, वे शव नहीं लेंगे। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की जा रही है।
मृतका के पिता और भाई का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका आरोप है कि ट्विशा शादी के बाद से मानसिक तनाव में थी और उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।
समाज में उठे कई सवाल
यह मामला अब केवल एक पारिवारिक विवाद नहीं रह गया, बल्कि समाज और कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया पर लोग इस मामले को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि आरोपी प्रभावशाली परिवार से न होते तो क्या पुलिस कार्रवाई में इतनी देरी होती?
वहीं महिला अधिकार संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है। वहीं आरोपी मां-बेटे की गिरफ्तारी को लेकर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है।