मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक पिता अपने दो मासूम बच्चों को बारात दिखाने के लिए घर से निकला, लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटा। अगले दिन सुबह गांव के पास एक कुएं में पिता और दोनों बच्चों के शव मिले।
घटना बालाघाट से करीब 50 किलोमीटर दूर जरामोहगांव की है। मृतक की पहचान श्याम नागेंद्र के रूप में हुई है। उसके साथ पांच वर्षीय बेटा वंश और तीन वर्षीय बेटी भूरी के शव भी कुएं से बरामद किए गए। दोनों बच्चों के शव पिता के शरीर से गमछे से बंधे हुए थे। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

15 साल तक सहारा फाइनेंस में नौकरी
मृतक के बड़े भाई किशोर नागेंद्र ने बताया कि श्याम पिछले करीब 15 वर्षों से सहारा इंडिया में कम्प्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम कर रहा था। पहले उसे 20 से 25 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता था, लेकिन कंपनी की आर्थिक स्थिति बिगड़ने के बाद पिछले चार-पांच वर्षों से उसकी सैलरी आधी हो गई थी।
इतना ही नहीं, पिछले चार महीनों से उसे वह आधी तनख्वाह भी नहीं मिली थी। परिवार के अनुसार आर्थिक तंगी और बच्चों के भविष्य की चिंता उसे लगातार परेशान कर रही थी।
बारात दिखाने ले जाने की बात कहकर निकला
किशोर नागेंद्र के अनुसार गांव में सोमवार को दो शादियां थीं। शाम को दोनों भाइयों ने साथ बैठकर चाय पी थी। किशोर बारात में शामिल होने जा रहे थे, तभी श्याम ने भी बच्चों को बारात दिखाने की बात कही और दोनों बच्चों को साथ लेकर निकल गया।
रात करीब 8:30 बजे उसने कहा कि वह बच्चों को घर छोड़कर वापस आएगा, लेकिन इसके बाद वह लौटकर नहीं आया।

रात 10 बजे तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिवार को चिंता हुई। देर रात तक तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
कुएं के पास मिली बाइक और चप्पल
परिवार के लोगों ने गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक बिना मुंडेर वाले कुएं के पास श्याम की बाइक खड़ी देखी। वहीं उसकी चप्पल भी पड़ी मिली। जब कुएं में टॉर्च डालकर देखा गया तो अंदर भी चप्पल दिखाई दी।
परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। रात अधिक होने के कारण पुलिस सुबह पहुंचने की बात कहकर लौट गई। अगले दिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे जब पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो कुएं में तीनों के शव पानी में उतराते दिखाई दिए।
ग्रामीणों की मदद से खटिया के सहारे शवों को बाहर निकाला गया।
पत्नी सदमे में, बार-बार कुएं की ओर दौड़ रही
मृतक के साले अंकित ने बताया कि घटना के बाद से श्याम की पत्नी गहरे सदमे में है। वह बार-बार पति और बच्चों को याद कर रो पड़ती है और कई बार उसी कुएं की ओर दौड़ने लगती है।

परिवार के लोगों के अनुसार वह बार-बार कह रही है कि “मुझे भी उसी कुएं में कूद जाना है।” घटना के बाद पूरा परिवार बदहवास है और किसी को यकीन नहीं हो रहा कि श्याम और उसके बच्चे अब इस दुनिया में नहीं हैं।
बच्चों के भविष्य को लेकर रहता था चिंतित
अंकित ने बताया कि श्याम अक्सर बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताता था। उसने कई बार कहा था कि सहारा कंपनी का काम नहीं चल रहा और घर चलाना मुश्किल हो रहा है।
परिवार वालों ने उसे दूसरा काम शुरू करने की सलाह भी दी थी। उसने एलआईसी और पोस्ट ऑफिस से जुड़ा काम शुरू करने की बात कही थी, लेकिन आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था।
परिजनों के अनुसार वह अपने बच्चों से बेहद प्यार करता था और हमेशा उनके भविष्य की चिंता करता रहता था।
इंस्टाग्राम स्टोरी ने बढ़ाई आशंका
घटना के बाद श्याम की इंस्टाग्राम स्टोरी भी चर्चा में आ गई है। उसने अपनी स्टोरी में लिखा था — “जीने की आरजू नहीं।”
इसके अलावा उसने एक भावुक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें लिखा था:
“नहीं है जिंदा रहने की आरजू… नहीं चाहिए कोई वादा या रिश्ता… जिंदा रहना जरूरी है क्या?”
इन पोस्ट्स के सामने आने के बाद पुलिस आत्महत्या के एंगल से भी जांच कर रही है।
पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
मामले में एसडीओपी विकास कुमार ने बताया कि अभी तक मौत की ठोस वजह सामने नहीं आई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस ने मृतक और उसकी पत्नी के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।