मध्यप्रदेश के इंदौर में एक स्कूल के समर कैंप के दौरान 13 वर्षीय छात्रा से कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। घटना के बाद स्कूल कैंपस में देर रात हंगामे की स्थिति बन गई। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने बॉयज हॉस्टल के वार्डन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
घटना सामने आने के बाद अभिभावकों, स्थानीय लोगों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली। देर रात पुलिस को कैंपस पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। मामले ने स्कूलों और समर कैंपों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

समर कैंप में शामिल होने आई थी छात्रा
जानकारी के अनुसार पीड़ित छात्रा रतलाम से अपनी छोटी बहन के साथ इंदौर स्थित स्कूल के समर कैंप में हिस्सा लेने आई थी। यह समर कैंप 3 मई से संचालित हो रहा था। कैंप में करीब 18 छात्राएं और 36 छात्र शामिल थे।
छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल की व्यवस्था की गई थी। छात्राओं को गर्ल्स हॉस्टल में और छात्रों को बॉयज हॉस्टल में ठहराया गया था। कैंप के दौरान बच्चों की देखरेख के लिए वार्डन और स्टाफ की नियुक्ति की गई थी।
पानी लेने गई छात्रा से की आपत्तिजनक हरकत
राजेंद्र नगर थाना प्रभारी यशवंत बड़ोले के अनुसार 13 मई की शाम छात्रा के हॉस्टल में पानी खत्म हो गया था। इसके बाद छात्रा पानी की बोतल लेकर बॉयज हॉस्टल की ओर गई।
आरोप है कि इसी दौरान बॉयज हॉस्टल के वार्डन विनोद शर्मा ने छात्रा के साथ आपत्तिजनक हरकत की। छात्रा घटना से घबरा गई और वापस अपने हॉस्टल लौट आई।
बताया जा रहा है कि शुरुआत में छात्रा डरी हुई थी और उसने किसी को कुछ नहीं बताया, लेकिन बाद में उसने अपनी मां को मोबाइल पर पूरी घटना की जानकारी दी।
अन्य छात्राओं ने भी की शिकायत
पुलिस के अनुसार अगले दिन हॉस्टल में कुछ अन्य छात्राओं ने भी बातचीत के दौरान वार्डन के व्यवहार को लेकर शिकायत की। इससे मामला और गंभीर हो गया।
जब छात्रा की मां को पूरी जानकारी मिली तो उन्होंने परिचितों और स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी। इसके बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता भी कैंपस पहुंच गए। देर रात कैंपस में हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
देर रात पहुंची पुलिस, आरोपी फरार
सूचना मिलते ही राजेंद्र नगर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में छात्रा और हॉस्टल स्टाफ से पूछताछ की गई।
पुलिस जब आरोपी वार्डन को पकड़ने पहुंची, तब वह हॉस्टल से फरार हो चुका था। हालांकि शुक्रवार सुबह पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कैंपस में विरोध प्रदर्शन
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ABVP कार्यकर्ता स्कूल कैंपस पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि जब छात्राओं के लिए अलग हॉस्टल बनाए गए थे, तो फिर बच्चियों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त निगरानी क्यों नहीं रखी गई। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कैंप प्रबंधन की जवाबदेही तय करने की मांग की।
परिजनों में आक्रोश
घटना के बाद छात्रा के परिजन भी इंदौर पहुंचे। परिवार का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों को सुरक्षित वातावरण में समर कैंप में भेजा था, लेकिन वहां ऐसी घटना होना बेहद दुखद और चिंताजनक है।
परिजनों ने आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि बच्ची हिम्मत नहीं दिखाती और परिवार को जानकारी नहीं देती, तो मामला दब भी सकता था।
पुलिस कर रही गहन जांच
पुलिस अब पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोपी वार्डन से पूछताछ की जा रही है। साथ ही स्कूल और समर कैंप प्रबंधन से भी जानकारी मांगी गई है।
पुलिस अन्य छात्राओं से भी बातचीत कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और बच्चियां भी आरोपी की हरकतों का शिकार तो नहीं हुईं। कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों, हॉस्टलों और समर कैंपों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के लिए आयोजित कैंपों में सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम होना बेहद जरूरी है।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार बच्चों को “गुड टच-बैड टच” के बारे में जागरूक करना और उन्हें खुलकर बात करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है, ताकि वे किसी भी गलत हरकत की जानकारी तुरंत परिवार या जिम्मेदार लोगों को दे सकें।
पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त प्रावधान
बच्चों के साथ यौन अपराधों से जुड़े मामलों में पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त प्रावधान किए गए हैं। यदि आरोपी दोषी पाया जाता है तो उसे कठोर सजा हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।