4 दिवसीय रक्तदान शिविर आज से: मानव सेवा के महायज्ञ में आगे आएं रक्तवीर — भूपेन्द्र सिंह !

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सागर। मध्यप्रदेश शासन के पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक Bhupendra Singh के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला चार दिवसीय विशाल रक्तदान शिविर आज 16 मई से प्रारंभ हो गया है। यह शिविर 16 मई से 19 मई तक सागर स्थित ग्रैंड दीपाली होटल के सिग्नेचर हॉल में आयोजित किया जा रहा है। पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने अपने सभी शुभचिंतकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान कर मानव सेवा के इस महायज्ञ में सहभागी बनने की अपील की है।

यह रक्तदान शिविर लगातार 12वें वर्ष आयोजित किया जा रहा है और समय के साथ यह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनसेवा और मानवता का बड़ा अभियान बन चुका है। शिविर का शुभारंभ वरिष्ठ चिकित्सक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सागर विभाग के विभाग संघ चालक डॉ. जी. एस. चौबे द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

11 वर्षों में 13,500 यूनिट से अधिक रक्त संग्रह

उल्लेखनीय है कि पिछले 11 वर्षों से आयोजित किए जा रहे रक्तदान शिविरों के माध्यम से अब तक लगभग 13,500 यूनिट रक्त एकत्र कर विभिन्न ब्लड बैंकों एवं सागर जिले के अस्पतालों को उपलब्ध कराया जा चुका है। इस रक्तदान अभियान के माध्यम से लगभग 42 हजार जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिला है।

गत वर्ष आयोजित रक्तदान शिविर में ही 1700 से अधिक यूनिट रक्त संग्रहित किया गया था, जिसे आयोजन समिति और रक्तदाताओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी का रिकॉर्ड माना गया। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक संगठनों के जुड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता, विज्ञान और राष्ट्र निर्माण से जुड़ा अभियान है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि रक्तदान को उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए, क्योंकि यह किसी व्यक्ति को नया जीवन देने का माध्यम बनता है।

“रक्तदाता आशा की किरण”

भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि आज भी देश में हजारों मरीज रक्त के अभाव में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करते हैं। एक सर्वे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में हर दो सेकंड में किसी न किसी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे में रक्तदाता किसी जरूरतमंद मरीज और उसके परिवार के लिए आशा की किरण बनकर सामने आते हैं।

उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त तीन लोगों का जीवन बचाने में सहायक हो सकता है। जब कोई व्यक्ति रक्तदान करता है, तो वह केवल एक मरीज की मदद नहीं करता, बल्कि उसके पूरे परिवार को टूटने से बचाता है। यही सच्ची मानव सेवा है।

उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि मनुष्य का शरीर नश्वर है, लेकिन उसके द्वारा किया गया रक्तदान किसी दूसरे शरीर में जीवन का अंश बन जाता है। यही कारण है कि रक्तदान को महादान कहा जाता है।

“सागर में रक्त की कमी नहीं होने दी”

पूर्व गृहमंत्री श्री सिंह ने बताया कि पिछले 11 वर्षों से चल रहे इस अभियान के कारण सागर जिले के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय में रक्त की कमी की स्थिति नहीं बनने पाई। इसका पूरा श्रेय उन हजारों रक्तवीरों को जाता है जिन्होंने मानव सेवा की भावना से रक्तदान किया।

उन्होंने कहा कि ब्लड बैंकों में पर्याप्त रक्त उपलब्ध रहना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि दुर्घटनाओं, ऑपरेशन, प्रसव और गंभीर बीमारियों के दौरान मरीजों को तत्काल रक्त की आवश्यकता पड़ती है। यदि समय पर रक्त उपलब्ध न हो, तो कई बार मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है।

उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जब तक आमजन स्वयं आगे नहीं आएंगे, तब तक रक्त की आवश्यकता और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाना कठिन रहेगा।

स्वास्थ्य लाभ भी देता है रक्तदान

भूपेन्द्र सिंह ने चिकित्सा विशेषज्ञों का हवाला देते हुए कहा कि रक्तदान केवल जरूरतमंदों के लिए ही लाभकारी नहीं, बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना जाता है। चिकित्सकों के अनुसार नियमित अंतराल पर रक्तदान करने से शरीर में नया रक्त बनने की प्रक्रिया तेज होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि रक्तदान से शरीर में आयरन संतुलित रहता है, हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा कम होता है तथा मानसिक संतोष की अनुभूति होती है। इसी कारण आज बड़ी संख्या में युवा और सामाजिक संगठन रक्तदान अभियानों से जुड़ रहे हैं।

युवाओं में दिख रहा उत्साह

रक्तदान शिविर को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, कॉलेज छात्रों और स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा रक्तदान के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। कई युवाओं ने इसे समाजसेवा का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान करने की अपील की है।

आयोजन समिति ने बताया कि शिविर स्थल पर स्वास्थ्य विभाग का प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ मौजूद रहेगा। रक्तदान करने वाले लोगों के लिए सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। रक्तदान शिविर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होगा।

सेवा और संवेदनशीलता का संदेश

भूपेन्द्र सिंह लंबे समय से अपने जन्मदिन को सेवा कार्यों से जोड़ते रहे हैं। उन्होंने कुछ समय पहले अपने समर्थकों से अपील की थी कि वे स्वागत में पुष्पमालाओं और गुलदस्तों के बजाय गरीबों के लिए उपयोगी सामग्री भेंट करें। इस पहल के तहत अब तक लाखों रुपए मूल्य की सामग्री जरूरतमंदों को वितरित की जा चुकी है।

अब रक्तदान शिविर के माध्यम से भी वे समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि सार्वजनिक जीवन का उद्देश्य केवल राजनीति नहीं, बल्कि जनसेवा और मानवता की रक्षा भी होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज तभी मजबूत बनता है जब लोग एक-दूसरे के दुख और जरूरत को समझते हैं। रक्तदान ऐसा माध्यम है, जिसमें बिना किसी भेदभाव के सीधे मानव जीवन की रक्षा की जाती है। यही भारतीय संस्कृति और सेवा भाव की सबसे बड़ी पहचान है।

मानवता का महाअभियान

चार दिवसीय यह रक्तदान शिविर अब सागर जिले में मानवता और जनसेवा का प्रतीक बन चुका है। हजारों लोगों की जिंदगी बचाने वाले इस अभियान ने समाज में सकारात्मक जागरूकता पैदा की है। आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि प्रत्येक स्वस्थ नागरिक नियमित रूप से रक्तदान करे, तो देश में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में जान नहीं गंवानी पड़ेगी।

पूर्व गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने अंत में सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं रक्तदान करें और दूसरों को भी प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि मानव जीवन से बड़ा कोई दान नहीं होता और रक्तदान सबसे बड़ा जीवनदान है।

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