सर्वधर्म कौमी एकता का प्रतीक पीली कोठी वाले बाबा का 76वां सालाना उर्स शुरू !

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सागर। सर्वधर्म सद्भाव, कौमी एकता और आपसी भाईचारे के प्रतीक माने जाने वाले हजरत Syed Dawood Makki Chishti Sabri पीली कोठी वाले बाबा का 76वां तीन दिवसीय सालाना उर्स शुक्रवार से श्रद्धा और अकीदत के साथ शुरू हो गया। यह उर्स 17 मई तक चलेगा, जिसमें सागर सहित प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जायरीन और अकीदतमंद शामिल हो रहे हैं।

उर्स के शुभारंभ पर शुक्रवार शाम नमाज-ए-मगरिब के बाद उर्स कमेटी और बाबा के श्रद्धालुओं द्वारा दरगाह शरीफ पर संदली चादर पेश की गई। इस दौरान नात-ए-पाक और सलाम पेश कर बाबा की शान में अकीदत का नजराना अर्पित किया गया। कार्यक्रम के बाद तबर्रुख (प्रसादी) का वितरण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने बड़े सम्मान और श्रद्धा के साथ ग्रहण किया।

तहसीली तिराहे से निकली संदली चादर

सालाना उर्स की शुरुआत पारंपरिक संदली चादर जुलूस के साथ हुई। यह चादर तहसीली तिराहे स्थित मदन बाबा के निवास से शुरू हुई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। जुलूस गोपालगंज, काली तिराहा और बस स्टैंड क्षेत्र से गुजरते हुए पीली कोठी स्थित दरगाह शरीफ पहुंचा।

जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और बाबा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। दरगाह पहुंचने पर विधिवत संदली चादर पेश की गई। इसी के साथ तीन दिवसीय सालाना उर्स का विधिवत शुभारंभ हुआ।

मीलाद शरीफ और अजीमुश्शान मुशायरा

उर्स के पहले दिन नमाज-ए-इशा के बाद मीलाद शरीफ का आयोजन किया गया, जिसमें बाबा की शिक्षाओं, सूफी परंपरा और इंसानियत के संदेश पर रोशनी डाली गई। धार्मिक कार्यक्रमों के बाद रात में अजीमुश्शान मुशायरे का आयोजन हुआ, जिसने देर रात तक श्रोताओं को बांधे रखा।

मुशायरे में देश के विभिन्न हिस्सों से आए मशहूर शायरों ने अपने कलाम पेश किए। जबलपुर की प्रसिद्ध पार्टी ने भी शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें श्रोताओं ने खूब सराहा। सूफियाना माहौल और अदबी रंगत से पूरा आयोजन क्षेत्र गूंज उठा।

कव्वाली मुकाबलों का रहेगा आकर्षण

दरगाह शरीफ पीली कोठी उर्स कमेटी के अध्यक्ष Arshad Ali ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार 16 मई की रात 9 बजे भव्य कव्वाली कार्यक्रम का उद्घाटन किया जाएगा। इसके बाद हिंदुस्तान के मशहूर फनकार जुनैद सुल्तानी कव्वाल पार्टी और असद निशहत साबरी कव्वाल पार्टी के बीच कव्वाली एवं गजलों का शानदार मुकाबला होगा।

उन्होंने बताया कि उर्स के अंतिम दिन 17 मई की रात चांद कादरी कव्वाल पार्टी और शब्बीर सदाकत साबरी कव्वाल पार्टी अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगी। इन कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं और संगीत प्रेमियों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।

दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु

हर वर्ष की तरह इस बार भी उर्स में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर बाबा की दरगाह पर पहुंच रहे हैं। लोगों का मानना है कि पीली कोठी वाले बाबा की दरगाह पर सच्चे दिल से मांगी गई दुआ जरूर कबूल होती है। यही कारण है कि विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग यहां आकर माथा टेकते हैं और अमन-चैन की दुआ मांगते हैं।

दरगाह परिसर में दिनभर जायरीन की भीड़ बनी रही। श्रद्धालु चादर और फूल पेश कर बाबा से अपने परिवार और समाज की खुशहाली की दुआ कर रहे हैं। उर्स के दौरान दरगाह क्षेत्र पूरी तरह आध्यात्मिक और सूफियाना माहौल में रंगा नजर आ रहा है।

रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाई दरगाह

उर्स को लेकर दरगah शरीफ और आसपास के क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटिंग, विशेष सजावट और भव्य डेकोरेशन से पूरा परिसर जगमगा उठा है। रात के समय दरगाह की खूबसूरती देखते ही बन रही है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बाजार, स्टेज, टेंट, साउंड सिस्टम, पेयजल और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाएं भी की गई हैं। उर्स कमेटी के सदस्य लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

कौमी एकता और भाईचारे का संदेश

पीली कोठी वाले बाबा का उर्स केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। यहां हर धर्म और समुदाय के लोग एक साथ शामिल होकर देश में अमन, शांति और सौहार्द की कामना करते हैं।

उर्स कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि बाबा की शिक्षाएं इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देती हैं। यही कारण है कि यह उर्स वर्षों से सर्वधर्म सद्भाव का केंद्र बना हुआ है।

आयोजन समिति ने संभाली व्यवस्थाएं

उर्स आयोजन को सफल बनाने में दरगाह शरीफ पीली कोठी उर्स कमेटी के अध्यक्ष अरशद अली, सचिव अरशद अयूब, कोषाध्यक्ष शहबाज खान, सह सचिव सोनू मलिक, उमर सौदागर, जानिसार राफे, आसिफ खान, शाहरुख खान, ईशान खान, लक्ष्मी केशरवानी, राजू बेगी, शैलेंद्र यादव, बाबू मिस्त्री, देव यादव, शमीम अहमद, वसीम खान, वसीम कुरैशी, नफीस खान, अली मुस्तफा, अर्पित खटीक, अकरम खान, नीरज जैन, सोहेल खान, जावेद खान सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे उर्स के दौरान अनुशासन बनाए रखें और कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

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