भोपाल में ठगी और वशीकरण गैंग सक्रिय: बुजुर्ग महिलाओं को बनाया निशाना, लाखों की साइबर धोखाधड़ी से मचा हड़कंप !

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भोपाल में ठगी और वशीकरण गैंग सक्रिय: बुजुर्ग महिलाओं को बनाया निशाना, लाखों की साइबर धोखाधड़ी से मचा हड़कंप ! में एक बार फिर ठगी और साइबर अपराध के मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सामने आए तीन मामलों में बदमाशों ने बुजुर्ग महिलाओं और रिटायर्ड कर्मचारियों को निशाना बनाकर लाखों रुपए की ठगी को अंजाम दिया। कहीं वशीकरण के नाम पर गहने उतरवा लिए गए, तो कहीं पेंशन कार्ड और डॉलर कमाने का लालच देकर बैंक खातों से रकम साफ कर दी गई।

पुलिस ने सभी मामलों में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इन घटनाओं से साफ है कि अपराधी अब खासतौर पर बुजुर्गों और अकेले रहने वाले लोगों को टारगेट कर रहे हैं।

वशीकरण कर उतरवाए सोने के गहने

भोपाल के Habibganj थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां दो अज्ञात लोगों ने कथित रूप से “वशीकरण” कर एक बुजुर्ग महिला से उनके सोने के गहने उतरवा लिए।

पीड़िता कोकिला चौहान (62) पंचशील नगर की रहने वाली हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि गुरुवार शाम करीब 5 बजे वे 10 नंबर मार्केट कपड़े प्रेस के लिए देने गई थीं। इसी दौरान उन्हें दो अज्ञात व्यक्ति मिले। दोनों ने उनसे पीने के लिए पानी मांगा।

मानवता के नाते कोकिला चौहान ने पास की दुकान से पानी की बोतल खरीदकर उन्हें दे दी। इसके बाद दोनों बातचीत करने लगे और महिला से पूछा कि क्या उन्हें कोई परेशानी है।

आरोपियों ने कहा कि यदि वे भगवान राम का नाम लेते हुए आंखें बंद कर लें, तो उनकी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। महिला उनके झांसे में आ गईं और आंखें बंद कर राम नाम जपने लगीं।

पीड़िता के अनुसार, इसी दौरान दोनों आरोपियों ने उन्हें अपने प्रभाव में ले लिया और कानों में पहने सोने के टॉप्स उतरवा लिए। इसके बाद उनसे मंगलसूत्र भी निकलवा लिया गया।

महिला जब घर पहुंचीं तब उन्हें पूरी घटना का एहसास हुआ। होश आने के बाद उन्होंने परिवार को जानकारी दी और देर रात थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस का मानना है कि आरोपी पेशेवर ठग हो सकते हैं, जो धार्मिक और मानसिक प्रभाव का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करते हैं। इलाके के CCTV कैमरों की जांच की जा रही है।

पेंशन कार्ड बनाने के नाम पर रिटायर्ड बैंककर्मी से ठगी

Misrod थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने SBI के रिटायर्ड कर्मचारी को निशाना बनाकर 5 लाख 44 हजार रुपए की ठगी कर ली।

पीड़ित विश्वनाथ सिंह तोमर (64) इंडस टाउन में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे फेसबुक चला रहे थे, तभी उन्हें “SBI पेंशन कार्ड” बनाने का एक विज्ञापन दिखाई दिया।

विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उनसे मोबाइल नंबर दर्ज करने को कहा गया। नंबर डालने के लगभग 20 मिनट बाद उनके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए कहा कि उन्हें व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजी जा रही है, जिसके जरिए वे अपना पेंशन कार्ड बनवा सकते हैं।

विश्वनाथ सिंह ने जैसे ही लिंक खोली, उनसे बैंक खाते और अन्य जानकारी मांगी गई। उन्होंने जानकारी भर दी।

इसके कुछ देर बाद उनका मोबाइल अचानक गर्म होने लगा। उन्हें शक हुआ और उन्होंने मोबाइल बंद कर दिया। लेकिन थोड़ी देर में उनके मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे।

जब उन्होंने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि उनके खाते से 5 लाख 44 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं। इसके बाद वे थाने पहुंचे और साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस का कहना है कि साइबर ठग अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी बैंकिंग विज्ञापन चलाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।

डॉलर कमाने का लालच देकर बुजुर्ग महिला से 6.53 लाख की ठगी

Nishatpura थाना क्षेत्र में भी साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। यहां रिटायर्ड शासकीय कर्मचारी सुनीता गुप्ता (62) से 6 लाख 53 हजार 942 रुपए की ठगी कर ली गई।

पुलिस के अनुसार करीब छह महीने पहले सुनीता गुप्ता के पास एक कॉल आया था। कॉल करने वाले ने उन्हें विदेशी निवेश योजना के बारे में बताया और कहा कि भारतीय मुद्रा निवेश कर वे डॉलर में भारी मुनाफा कमा सकती हैं।

आरोपी ने उन्हें ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म का झांसा दिया और शुरुआत में छोटे-छोटे रिटर्न दिखाकर भरोसा जीत लिया। इसके बाद महिला लगातार रकम निवेश करती रहीं।

करीब छह महीने तक अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराने के बाद अचानक आरोपी ने उनसे संपर्क तोड़ लिया। जब महिला ने पैसे वापस मांगने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला।

तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने निशातपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

बुजुर्गों को बनाया जा रहा आसान निशाना

भोपाल में सामने आए इन तीनों मामलों में एक समानता यह है कि अपराधियों ने बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ठग ऐसे लोगों को चुनते हैं जो तकनीकी जानकारी कम रखते हैं या जल्दी भरोसा कर लेते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार साइबर अपराधी अब सोशल मीडिया, व्हाट्सएप लिंक, फर्जी निवेश योजनाओं और धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल कर लोगों को ठग रहे हैं।

पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

भोपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं और सड़क पर मिलने वाले लोगों द्वारा दिए गए धार्मिक या चमत्कारी दावों से सावधान रहें।

इसके अलावा पुलिस ने कहा है कि बैंक, पेंशन कार्ड या निवेश से संबंधित किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांच लें। किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक डिटेल या पासवर्ड साझा न करें।

साइबर सेल ने लोगों को सलाह दी है कि यदि कोई संदिग्ध कॉल, लिंक या निवेश योजना सामने आए तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।

भोपाल में लगातार बढ़ते साइबर और ठगी के मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी अब नए-नए तरीकों से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव माना जा रहा है।

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