मध्यप्रदेश के Chhatarpur शहर में नाबालिग से गैंगरेप की सनसनीखेज घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शहर के बस स्टैंड क्षेत्र से शुक्रवार रात एक नाबालिग लड़की को अगवा कर तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी उसे आधी रात कार से शहर के बीच चौराहे पर छोड़कर फरार हो गए। घटना से जुड़ा वीडियो और सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी नाबालिग को जबरन स्कूटी पर बैठाकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस के अनुसार घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे की है। शनिवार सुबह लगभग 5:15 बजे पुलिस को पीड़िता बदहवास हालत में मिली, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बस स्टैंड पर अकेली थी नाबालिग
सीएसपी Arun Kumar Soni ने बताया कि नाबालिग लड़की शुक्रवार रात बस स्टैंड पहुंची थी। वह किसी परिचित व्यक्ति के साथ गांव से आई थी, लेकिन बाद में वह व्यक्ति उसे वहां छोड़कर चला गया।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह रात में रुकने के लिए जगह तलाश रही थी। इसी दौरान दो युवक उसके पास पहुंचे और उसे ठहरने की व्यवस्था कराने का झांसा देकर अपने साथ ले जाने लगे। जब लड़की को उन पर शक हुआ और उसने वहां से भागने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उसे जबरन पकड़ लिया।
जबरन स्कूटी पर बैठाकर ले गए
घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपी नाबालिग को पकड़कर जबरदस्ती स्कूटी पर बैठा रहे हैं। फुटेज में लड़की विरोध करती नजर आ रही है, लेकिन आरोपी उसे जबरन अपने साथ ले जाते दिखाई देते हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी नाबालिग को शहर के पास स्थित एक कमरे में ले गए, जहां पहले से तीसरा युवक मौजूद था। यहां तीनों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को कार में बैठाकर रात करीब ढाई बजे छत्रसाल चौक के पास छोड़कर फरार हो गए।
सुबह बदहवास हालत में मिली पीड़िता
शनिवार तड़के पुलिस को लड़की बदहवास हालत में मिली। इसके बाद उसे सुरक्षा में लेकर मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। पुलिस ने तुरंत मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक Rajat Saklecha ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस लगातार बस स्टैंड, मुसाफिरखाने और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
आरोपियों की तलाश में 10 पुलिस टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 10 अलग-अलग टीमें गठित की हैं। ये टीमें संभावित ठिकानों, होटलों और संदिग्ध स्थानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद ली जा रही है।
एसपी रजत सकलेचा ने कहा कि मामले में गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
लड़की के परिचित से भी पूछताछ
पुलिस उस युवक से भी पूछताछ कर रही है जो लड़की को गांव से साथ लाया था। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि वह लड़की को बस स्टैंड पर अकेला छोड़कर क्यों चला गया और घटना के दौरान उसकी भूमिका क्या थी।
पीड़िता के परिजनों को भी सूचना देकर बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि लड़की के घर से गायब होने के बाद परिवार के लोग रातभर रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क कर उसकी तलाश करते रहे।
शहर में बढ़ा आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना सामने आने के बाद शहर में लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सामाजिक संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर कठोर सजा देने की मांग की है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की त्वरित और