बीना। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बीना रेलवे जंक्शन पर रविवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां ड्यूटी के दौरान राजस्थान जा रहे एक प्रधान आरक्षक की अचानक हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। मृतक प्रधान आरक्षक की पहचान 58 वर्षीय बालकिशन कोली के रूप में हुई है, जो खुरई अनुभाग के बांदरी थाना में पदस्थ थे। वे एक वारंट तामील करने के सिलसिले में राजस्थान रवाना होने वाले थे और ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद रेलवे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया तथा पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक बालकिशन कोली रविवार सुबह बीना रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वे बांदरी थाना क्षेत्र के एक मामले में न्यायालय द्वारा जारी वारंट तामील करने राजस्थान जाने वाले थे। बताया जा रहा है कि वे प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उन्हें सीने में दर्द महसूस हुआ और देखते ही देखते वे प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े। घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद यात्री और रेलवे कर्मचारी कुछ समझ ही नहीं पाए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रधान आरक्षक के गिरते ही स्टेशन पर मौजूद लोगों ने तुरंत उनकी मदद करने का प्रयास किया। कुछ लोगों ने उन्हें पानी पिलाने की कोशिश की, जबकि अन्य ने स्टेशन मास्टर और रेलवे कर्मचारियों को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन मास्टर ने तत्काल जीआरपी और रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों को सूचना दी। इसके बाद जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और प्रधान आरक्षक को तत्काल रेलवे अस्पताल ले जाया गया।
रेलवे अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक परीक्षण किया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है। हालांकि पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके।
घटना की सूचना मिलते ही बीना थाना पुलिस और बांदरी थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। वहीं जैसे ही प्रधान आरक्षक के निधन की खबर पुलिस विभाग में पहुंची, साथी कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। कई पुलिसकर्मी अस्पताल पहुंचे और दिवंगत प्रधान आरक्षक को श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रधान आरक्षक बालकिशन कोली लंबे समय से पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। साथी कर्मचारियों के अनुसार वे बेहद सरल, मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया था। बताया जा रहा है कि वे अपने काम को लेकर हमेशा गंभीर रहते थे और विभागीय जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी के साथ निभाते थे। ड्यूटी के प्रति उनकी निष्ठा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे रविवार को भी वारंट तामील करने के लिए दूसरे राज्य रवाना हो रहे थे।

मृतक प्रधान आरक्षक मूल रूप से बीना के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक बेटी हैं। जैसे ही परिवार को घटना की सूचना मिली, घर में मातम पसर गया। परिजन तुरंत अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि बालकिशन कोली सुबह पूरी तरह स्वस्थ होकर घर से निकले थे और किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद इतनी दुखद खबर मिलेगी।
घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। यात्रियों में भी घटना को लेकर चर्चा होती रही। कई लोगों ने कहा कि अचानक बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। वहीं कुछ यात्रियों ने रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर बेहतर मेडिकल इमरजेंसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी जताई।
पुलिस विभाग के अधिकारियों ने दिवंगत प्रधान आरक्षक के परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि बालकिशन कोली एक ईमानदार और मेहनती पुलिसकर्मी थे, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। पुलिस विभाग द्वारा उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दिए जाने की भी तैयारी की जा रही है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पुलिसकर्मी लगातार तनाव और जिम्मेदारियों के बीच काम करते हैं। कई बार लंबी ड्यूटी, मानसिक दबाव और अनियमित दिनचर्या उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालती है। प्रधान आरक्षक बालकिशन कोली की अचानक मौत ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है।