मध्य प्रदेश में सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) के दामों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। शनिवार रात से नई दरें लागू कर दी गई हैं, जिसके बाद भोपाल सहित कई जिलों में सीएनजी 3 रुपए प्रति किलो तक महंगी हो गई है। राजधानी भोपाल में अब सीएनजी की कीमत बढ़कर ₹93.75 प्रति किलो पहुंच गई है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच यह बढ़ोतरी आम लोगों, खासकर वाहन चालकों और परिवहन क्षेत्र के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।

भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा समेत आसपास के जिलों में थिंक गैस कंपनी सीएनजी की सप्लाई करती है। कंपनी द्वारा जारी नई दरों के अनुसार अब राजधानी में वाहन चालकों को पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी होगी। इससे पहले भी करीब दो महीने पहले सीएनजी के दाम लगभग ₹2 प्रति किलो बढ़ाए गए थे। इस तरह सिर्फ दो महीनों में सीएनजी करीब ₹5 प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है।

वहीं अवंतिका गैस लिमिटेड ने भी ग्वालियर क्षेत्र में सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी की है। यहां सीएनजी के दाम ₹1 प्रति किलो बढ़ाए गए हैं। पहले जहां ग्वालियर में सीएनजी ₹95 प्रति किलो मिल रही थी, अब इसकी कीमत ₹96 प्रति किलो हो गई है।
मध्य प्रदेश में फिलहाल तीन प्रमुख कंपनियां सीएनजी की सप्लाई कर रही हैं। इनमें थिंक गैस, GAIL और अवंतिका गैस शामिल हैं। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग में अवंतिका गैस की सप्लाई है, जबकि कई अन्य जिलों में गेल भी सीएनजी उपलब्ध कराती है।
भोपाल में तेजी से बढ़ा CNG नेटवर्क
राजधानी भोपाल में पिछले कुछ वर्षों में सीएनजी वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शहर में कुल 152 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 12 पंपों पर सीएनजी उपलब्ध है। इसके अलावा थिंक गैस के अलग से कई स्टेशन संचालित हो रहे हैं। मैनिट, नीलबड़, होशंगाबाद रोड, बैरागढ़ रोड और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में कुल लगभग 25 सीएनजी स्टेशन मौजूद हैं। इन्हीं सभी स्टेशनों पर नई कीमतें लागू की गई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की तुलना में सीएनजी सस्ती होने के कारण लोगों का रुझान लगातार सीएनजी वाहनों की ओर बढ़ा है। यही वजह है कि बीते तीन वर्षों में भोपाल में सीएनजी आधारित वाहनों की बिक्री में लगभग 50 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। ऑटोमोबाइल शोरूम संचालकों का कहना है कि शहर में रोजाना 10 से 15 सीएनजी वाहन बिक रहे हैं।

लोगों का मानना था कि सीएनजी अन्य ईंधनों की तुलना में किफायती विकल्प है, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने अब इस गणित को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। टैक्सी, ऑटो और कमर्शियल वाहन संचालकों का कहना है कि बढ़ते रेट से उनकी लागत बढ़ेगी और इसका असर किराए पर भी पड़ सकता है।
पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़े
सीएनजी के दाम बढ़ने से पहले ऑयल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की थी। 15 मई से लागू नई दरों के तहत मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल करीब ₹3 से ₹3.50 प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।
राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत ₹106.68 से बढ़कर ₹109.71 प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल ₹91.87 से बढ़कर ₹94.88 प्रति लीटर पहुंच गया है। इंदौर में पेट्रोल ₹109.86 और डीजल ₹95.06 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में भी ईंधन की कीमतें ₹110 प्रति लीटर के आसपास पहुंच चुकी हैं।

प्रदेश में सबसे महंगा पेट्रोल पांढुर्णा और मंडला में बिक रहा है, जहां कीमत ₹111.29 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। वहीं मैहर, आलीराजपुर और अनूपपुर में डीजल ₹96.50 प्रति लीटर तक पहुंच चुका है।
दूध भी हुआ महंगा
ईंधन के साथ-साथ दूध की कीमतों में भी हाल ही में बढ़ोतरी हुई है। सांची, Amul और Mother Dairy ने पैक्ड दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर तक बढ़ाए हैं। ऐसे में आम आदमी पर महंगाई की मार लगातार बढ़ती जा रही है।
आम लोगों पर बढ़ेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं के लगातार महंगे होने से परिवहन, खाद्य पदार्थ और अन्य सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है। इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।

सीएनजी वाहन चालकों का कहना है कि अब उन्हें हर महीने अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। ऑटो और टैक्सी संचालकों ने सरकार से टैक्स और अन्य शुल्कों में राहत देने की मांग की है, ताकि आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े।
लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और दूध जैसी जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है।