दिल्ली-NCR और मध्यप्रदेश समेत देश के कई राज्यों में CNG की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रविवार सुबह 6 बजे से नई दरें लागू हो गईं, जिसके बाद आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ा है। यह लगातार दूसरा दिन है जब गैस कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं।
नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में CNG पहली बार ₹80 के आंकड़े को पार कर गई है और अब ₹80.09 प्रति किलो बिक रही है। नोएडा और गाजियाबाद में भी दाम बढ़कर ₹88.70 प्रति किलो हो गए हैं। वहीं मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है, जहां भोपाल में CNG ₹3 प्रति किलो महंगी होकर ₹93.75 प्रति किलो तक पहुंच गई है।

इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी ₹3-3 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे पहले ही आम उपभोक्ता महंगाई के दबाव में थे। अब CNG के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की चीजों की लागत और बढ़ने की आशंका है।
आम जनता पर असर
CNG की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव पूरे सप्लाई चेन पर पड़ता है। ट्रक, टेम्पो और मालवाहक वाहनों का किराया बढ़ने से सब्जियां, फल, अनाज और अन्य जरूरी सामान महंगे हो सकते हैं।
ऑटो, टैक्सी और कैब सेवाओं के किराए में भी बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे शहरी यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। स्कूल बस और सार्वजनिक परिवहन भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
किसानों पर भी इसका असर पड़ेगा क्योंकि डीजल आधारित सिंचाई और खेती की लागत बढ़ेगी, जिससे फसल उत्पादन महंगा हो सकता है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव चल रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।

तेल कंपनियों पर उत्पादन लागत का दबाव बढ़ा है, जिसके चलते उन्हें कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं ताकि घाटे की भरपाई की जा सके।
क्या आगे और बढ़ेंगे रेट?
मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा बढ़ोतरी अभी संतुलन की स्थिति में नहीं है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में और इजाफा देखने को मिल सकता है।
इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा और आम जनता की जीवन-यापन लागत बढ़ सकती है।
CNG और पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने देश में महंगाई का दबाव और बढ़ा दिया है। परिवहन, कृषि और रोजमर्रा की जरूरतों पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम ही नजर आती है।