सागर।
बुधवार दोपहर सागर जिले में नेशनल हाईवे-44 पर हुए भीषण सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया। दमोह जिले के जबेरा निवासी जैन परिवार गोलकोट जैन तीर्थ स्थल जा रहा था, लेकिन रास्ते में शुखालीपुरा गांव के पास उनकी कार एक तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई। हादसा इतना भयावह था कि कार डिवाइडर पर पलट गई और देखते ही देखते चार जिंदगियां खत्म हो गईं।

हादसे का सिलसिला
जानकारी के अनुसार, जैन परिवार की कार (क्रमांक MP 20 ZH 1670) बुधवार को सागर से निकलकर ललितपुर होते हुए शिवपुरी जिले के प्रसिद्ध गोलकोट तीर्थ स्थल जा रही थी। कार में परिवार के कई सदस्य सवार थे। दोपहर के समय जब वाहन शुखालीपुरा गांव के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रहे ट्रक ने तेज रफ्तार में कार को साइड से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार हवा में उछलकर डिवाइडर पर पलट गई। कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया और उसमें बैठे लोग बुरी तरह से दब गए।

मौके पर मची चीख-पुकार
हादसे के बाद वहां चीख-पुकार मच गई। राहगीर दौड़कर मौके पर पहुंचे और कार में फंसे घायलों को किसी तरह बाहर निकाला। तुरंत एम्बुलेंस बुलाई गई और घायलों को मालथौन अस्पताल ले जाया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
4 लोगों की गई जान
इस हादसे में ऋतु जैन (35) निवासी जबेरा और उपेंद्र जैन (45) निवासी गढ़ाकोटा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल सचिन जैन (40) और ढाई साल का मासूम अक्ष इलाज के दौरान जिंदगी की जंग हार गए।
इस तरह एक ही परिवार के चार सदस्य असमय काल के गाल में समा गए।

पुलिस की कार्रवाई
मालथौन थाना प्रभारी अशोक यादव ने बताया कि पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ट्रक की स्पीड और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। फिलहाल शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।
गांव और परिवार में मातम
हादसे की खबर जैसे ही जबेरा और गढ़ाकोटा पहुंची, पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिन चार लोगों ने घर से तीर्थ दर्शन की यात्रा शुरू की थी, वे अब कभी वापस नहीं लौट पाए।

यात्रियों और राहगीरों की जुबानी
राहगीरों का कहना है कि ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी और उसने अचानक कार को साइड से टक्कर मारी। हादसा इतना तेज था कि कार कुछ ही सेकंड में डिवाइडर पर पलट गई।

निष्कर्ष
सागर हाईवे का यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक तेज रफ्तार और लापरवाही लोगों की जिंदगी लीलती रहेगी? सड़क पर वाहन चलाते समय थोड़ी सी असावधानी कई परिवारों को उजाड़ देती है।