कमिश्नर की कड़ी नाराजगी, पांच जिलों के मत्स्य अधिकारियों को नोटिस
सागर, 11 सितम्बर 2025
सागर संभाग में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने और मछुआ परिवारों की आजीविका को सुरक्षित करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कमिश्नर सागर संभाग श्री अनिल सुचारी ने मत्स्य पालन विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि सभी शासकीय तालाबों में मछली पालन सुनिश्चित किया जाए और योजनाओं का क्रियान्वयन परिणाममुखी हो।

मछली उत्पादन बढ़ाना प्राथमिकता
कमिश्नर ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जैसे –
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना
- मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना
इनका उद्देश्य मछुआ परिवारों को रोजगार देना और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। लेकिन यदि इन योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक से नहीं होगा, तो लक्ष्य अधूरा रह जाएगा।
मत्स्य बीज उत्पादन पर नाराजगी
बैठक में जब मत्स्य बीज उत्पादन की जिलेवार समीक्षा की गई तो यह सामने आया कि –
- सागर जिले को छोड़कर संभाग के अन्य जिलों (छतरपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, पन्ना और दमोह) में हेचरी होने के बावजूद उत्पादन अपेक्षित स्तर से काफी कम है।
- लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न होने पर कमिश्नर ने सहायक संचालक मत्स्योद्योग को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने साफ कहा कि किसी भी शासकीय तालाब को मत्स्य पालन की गतिविधियों से वंचित नहीं रखा जाए।

मछुआ क्रेडिट कार्ड वितरण की धीमी रफ्तार
बैठक में मछुआ क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा के दौरान पता चला कि –
- संभाग के सभी जिलों में क्रेडिट कार्ड वितरण की प्रगति संतोषजनक नहीं है।
- विशेषकर निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना में हालात चिंताजनक हैं।
इस पर कमिश्नर ने जिला कलेक्टरों से दूरभाष पर चर्चा कर निर्देश दिए कि मछुआ परिवारों को प्राथमिकता से क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए जाएं।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में लापरवाही
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि –
- टीकमगढ़ और पन्ना जिलों में योजना का सही क्रियान्वयन नहीं हुआ।
- टीकमगढ़ जिले में तो योजना की राशि तक समर्पित कर दी गई।
इस पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सहायक संचालक मत्स्योद्योग टीकमगढ़ के खिलाफ नोटिस जारी करने और कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना की प्रगति की भी समीक्षा हुई। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि इस योजना का लाभ अधिक से अधिक मछुआ परिवारों तक पहुंचे और इसकी नियमित समीक्षा जिला स्तर पर भी की जाए।
बैठक में मौजूद अधिकारी
बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास श्री राकेश शुक्ला, संयुक्त संचालक मत्स्योद्योग सहित विभागीय अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
सागर संभाग में मत्स्य पालन की संभावनाएं बड़ी हैं, लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन में उदासीनता चिंता का विषय है। कमिश्नर द्वारा दिखाई गई सख्ती से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में –
- मछली उत्पादन बढ़ेगा,
- मछुआ परिवारों को बेहतर रोजगार मिलेगा,
- और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जमीन तक पहुंचेगा।