युवा संवाद से निकला संदेश: वैश्विक समस्याओं का समाधान सनातन दर्शन के पास

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स्वामी विवेकानंद के शिकागो संदेश की 132वीं वर्षगांठ पर सागर में भव्य युवा संवाद सम्पन्न

सागर।
“आज की वैश्विक समस्याओं का समाधान यदि कहीं निहित है, तो वह सनातन भारतीय दर्शन में है।”
यह स्वर गूंजा सागर में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम के मंच से, जो स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक शिकागो भाषण की 132वीं वर्षगांठ को समर्पित रहा।

इस अवसर पर पूज्य श्री समर्थ दादा गुरु, युवा थिंकर्स फोरम के निदेशक आशुतोष सिंह, रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय के कुलगुरु विनोद मिश्रा तथा युवा चिंतक अविराज भूपेन्द्र सिंह ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का आयोजन शहर के भव्य सभागार में किया गया, जिसमें जिले भर से आए लगभग दो हजार युवाओं, प्रबुद्ध वर्ग, विचार परिवार के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


भारतीय संस्कृति ही संकट का समाधान: पूज्य समर्थ दादा गुरु

समर्थ दादा गुरु ने कहा कि दुनिया भयावह आपदाओं और संकटों से जूझ रही है, लेकिन भारतवर्ष अपनी संस्कृति और सनातन दर्शन की वजह से भयमुक्त और आनंदमय जीवन जी रहा है।
उन्होंने कहा—

“हम विश्व को परिवार मानते हैं। केवल भारतीय दर्शन ही कहता है— धर्म की जय हो, विश्व का कल्याण हो। यही हमारी संस्कृति की ताकत है। माटी को पूजना, धरा को माँ मानना और समग्र दृष्टिकोण अपनाना, यही भारत की असली पहचान है।”


वैश्विक चुनौतियों का उत्तर भारतीय दृष्टिकोण: कुलगुरु विनोद मिश्रा

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. विनोद मिश्रा ने कहा कि आज दुनिया आतंकवाद, गरीबी, जलवायु परिवर्तन और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रही है। पश्चिमी दर्शन केवल लाभ और वर्चस्व की सोच पर आधारित है, जबकि भारतीय दर्शन विश्व कल्याण की ओर अग्रसर करता है।
उन्होंने स्पष्ट किया—

“पूंजीवाद का दोष लाभ तत्व है, समाजवाद का दोष व्यक्तिवाद है। लेकिन हमारे ऋषि-मुनियों ने एकात्म भाव का दर्शन दिया, जिसमें संघर्ष नहीं, बल्कि समन्वय है। यही जीवन का वास्तविक आधार है।”


इस्लामिक-पश्चिमी विचारों पर कटाक्ष: आशुतोष सिंह

युवा थिंकर्स फोरम के निदेशक आशुतोष सिंह ने कहा कि इस्लामिक और पश्चिमी विचारधाराएँ मोनोथिएस्टिक हैं, जहां सह-अस्तित्व की कोई जगह नहीं। यही आतंकवाद और धर्मांतरण जैसी समस्याओं की जड़ है।
उन्होंने युवाओं को चेताते हुए कहा—

“आज का युद्ध हथियारों से नहीं, बल्कि डेटा वार और मीडिया वार के रूप में हो रहा है। कंटेंट के जरिए नैरेटिव थोपे जा रहे हैं। सोरोस जैसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं। हमें जागरूक रहकर एजेंडे को समझना होगा।”

आशुतोष सिंह ने डेमोग्राफिक चेंज को सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि यदि जनसंख्या संतुलन बिगड़ गया, तो अर्थव्यवस्था और पर्यावरण की बातें निरर्थक हो जाएंगी।


युवा ही समाधान का वाहक: अविराज भूपेन्द्र सिंह

कार्यक्रम के आयोजक और युवा चिंतक अविराज भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि आज आतंकवाद, लव जिहाद, मिशनरी धर्मांतरण, ड्रग्स व शराब जैसे खतरे समाज के सामने गंभीर चुनौती हैं।
उन्होंने कहा—

“भारत की नीति आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की है। लेकिन लव जिहाद जैसे तरीकों से देश के 200 जिलों की डेमोग्राफी बदल गई है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक अस्तित्व का प्रश्न है।”

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारतीय संस्कृति और दर्शन से जुड़ें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रनिर्माण की दिशा में योगदान दें।


कार्यक्रम की गरिमा और उपस्थिति

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि से हुआ। मंच पर पूर्व गृहमंत्री और खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
हालांकि वे अतिथि वक्ताओं में शामिल थे, पर उन्होंने पूरे आयोजन को श्रोताओं के बीच बैठकर सुना और युवाओं का उत्साह बढ़ाया।

सभागार खचाखच भरा हुआ था। बालकनी तक सभी सीटें भरने के बाद अतिरिक्त कुर्सियां लगानी पड़ीं। बाहर बड़ी LED स्क्रीन लगाकर भी सैकड़ों लोगों ने युवा संवाद का सीधा प्रसारण देखा।

श्रोताओं में महापौर संगीता तिवारी, जिला भाजपा अध्यक्ष श्याम तिवारी, संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक सुनील देव, प्रबुद्ध वर्ग, भाजपा पदाधिकारी, विचार परिवार के सदस्य और बड़ी संख्या में महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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