मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत सागर जिले में बुधवार को महिला सशक्तिकरण और आजीविका योजनाओं की प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। जिले के सभी 11 विकासखंडों में गठित 51 संकुल स्तरीय फेडरेशन की बैठकें एक साथ विभिन्न स्थानों पर आयोजित की गईं।

बैठकों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, नेतृत्व क्षमता और आजीविका योजनाओं की प्रभावशीलता की समीक्षा करना था। इन बैठकों में फेडरेशन के पदाधिकारी और सदस्यगण उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
बैठकों में विशेष रूप से ‘एक बगिया माँ के नाम’ योजना की लक्ष्य पूर्ति पर मंथन किया गया। इसके अलावा कृषि सखियों की सक्रिय भूमिका और उनके मानदेय की पात्रता, ग्राम स्तर पर नई आजीविका योजनाओं के निर्माण की तैयारियां, ड्रोन दीदी और ड्रोन सहायक के चयन की प्रक्रिया, MIS पोर्टल पर अद्यतन कार्य और स्वयं सहायता समूहों के बीच लोन आदान-प्रदान की स्थिति की गहन समीक्षा की गई।

प्रत्येक विकासखंड में नियुक्त सहायक विकासखंड प्रबंधक, जो इन बैठकों के नोडल अधिकारी हैं, उन्होंने भी चर्चा में भागीदारी निभाई और योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए सुझाव दिए।
सागर कलेक्टर श्री संदीप जी. आर. ने इन बैठकों की पहल की सराहना करते हुए कहा कि “जिले की महिलाएं अब भीड़ का हिस्सा भर नहीं हैं, बल्कि वे योजनाओं को समझ रही हैं और अपने परिवार व समुदाय के विकास में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं।”
इन बैठकों से यह साफ झलक रहा है कि ग्रामीण महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं और आजीविका मिशन की योजनाएं उन्हें सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।