बीना।
शहर में आवारा मवेशियों का आतंक दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है और प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गुरुवार दोपहर बीना के छोटी बजरिया गणेश वार्ड में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को दहला दिया।

मंदिर के पास हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, 50 वर्षीय मनोज शर्मा पुत्र नाथूराम शर्मा रोज की तरह मंदिर के पास से गुजर रहे थे। तभी अचानक एक सांड ने उन पर हमला कर दिया। सांड ने अपने तेज सींगों से मनोज को जमीन पर पटक दिया और लगातार कई मिनट तक रौंदता रहा।
15 मिनट तक संघर्ष
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मनोज शर्मा ने लगभग 15 मिनट तक उस उग्र सांड से संघर्ष किया। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से वहां मौजूद लोग डर के मारे उनकी मदद के लिए आगे नहीं आए। केवल उनके भाई ने साहस दिखाकर बीच-बचाव किया और किसी तरह उन्हें सांड के चंगुल से छुड़ाया।
गंभीर रूप से घायल
हमले में मनोज शर्मा को गंभीर चोटें आईं। विशेषकर उनके दोनों पैरों के बीच गहरी चोटें दर्ज की गई हैं। घायल अवस्था में उन्हें स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद दिलाने की कोशिश की।

प्रशासन और आपात सेवा पर सवाल
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने 108 एंबुलेंस और 112 पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल किया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। मजबूर होकर स्थानीय लोगों ने एक ऑटो की मदद से घायल को बीना अस्पताल पहुँचाया।
सागर रेफर
बीना अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें सागर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज जारी है और परिवार उनकी हालत को लेकर चिंतित है।
आवारा मवेशियों का आतंक
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीना शहर में आवारा मवेशियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। बाजार, मंदिर, और मुख्य मार्गों पर सांड और अन्य मवेशियों का झुंड खुलेआम घूमता रहता है। कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और नगर पालिका की उदासीनता के कारण स्थिति सुधरने के बजाय और बिगड़ती जा रही है।
लोगों का आक्रोश
इस घटना के बाद क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नगर पालिका ने कार्रवाई की होती तो ऐसी घटना नहीं होती। उन्होंने प्रशासन से तुरंत आवारा मवेशियों को पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर भेजने की मांग की है।