सागर, 19 सितम्बर 2025।
सागर जिले में किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री संदीप जी आर ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। कलेक्टर ने किसान संघों के पदाधिकारियों एवं किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान के लिए तत्काल निर्देश दिए। इस पहल का किसानों ने स्वागत किया और इसे खेती-किसानी को नई दिशा देने वाला कदम बताया।

किसानों से सीधा संवाद: समस्याएं जानी और दिए समाधान के निर्देश
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देना समय की मांग है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे डीएपी के स्थान पर एनपीके खाद का प्रयोग करें, क्योंकि यह भी उतना ही लाभकारी है और फसलों की उत्पादकता को बढ़ाने वाला है।
किसानों की प्रमुख समस्याओं—खाद वितरण, बिजली, बीज की गुणवत्ता और बैंक से जुड़ी कठिनाइयों—को सुनने के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।
खाद वितरण पर सख्त निर्देश
कलेक्टर ने कहा कि खाद-उर्वरक वितरण केन्द्रों पर अतिरिक्त काउंटर खोले जाएं, ताकि किसानों को लाइन में परेशान न होना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि वितरण की पूरी जानकारी पहले से किसान संघों को दी जाएगी ताकि समन्वय और शांति के साथ खाद वितरण हो सके।
उन्होंने चेतावनी दी कि खाद-उर्वरक की कालाबाजारी और नकली बीज बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वैज्ञानिक खेती को लेकर पहल
- सभी विकासखंडों में मिट्टी परीक्षण केंद्रों को अपडेट करने के निर्देश।
- प्रत्येक विकासखंड में 50-50 एकड़ मिट्टी के सैंपल लेकर जांच करने की योजना।
- किसानों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा जिसमें कृषि वैज्ञानिक लगातार जानकारी साझा करेंगे।
- कृषि एंबेसडर नियुक्त करने की योजना ताकि किसानों तक सभी सूचनाएं समय पर पहुंचे।
योजनाओं और कार्यशालाओं पर जोर
कलेक्टर ने कहा कि सेवा पखवाड़ा के तहत सभी विकासखंडों में किसानों की कार्यशालाएं आयोजित होंगी। हर महीने एक बार फेसबुक लाइव कार्यक्रम भी होगा जिसमें कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी किसानों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
उन्होंने किसानों से ‘एक बगिया मां के नाम’ योजना के अंतर्गत फलदार पौधों का रोपण करने की अपील की और बताया कि जिले में 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

पराली प्रबंधन और मंडियों पर निगरानी
कलेक्टर ने किसानों से अपील की कि वे पराली प्रबंधन के लिए हैप्पी सीडर और सुपरसीडर का उपयोग करें, जिससे वायु प्रदूषण न हो और जमीन की उपजाऊ क्षमता बनी रहे।
साथ ही, उन्होंने निर्देश दिए कि सभी उपज मंडियों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और वहां मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
पुलिस का सहयोग भी महत्वपूर्ण
बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री विकास शाहवाल ने भी किसानों को आश्वस्त किया कि खाद वितरण और अन्य समस्याओं में पुलिस हर संभव सहयोग करेगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे शांति और समन्वय बनाए रखें और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

मौजूद रहे किसान और अधिकारी
इस बैठक में कृषि उपसंचालक श्री राजेश त्रिपाठी, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक श्री के एस यादव, श्री आशीष त्रिपाठी सहित कृषि विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं किसान संघों की ओर से श्री धीरज सिंह ठाकुर, श्री सत्यजीत सिंह, श्री राजेश सैनी, श्री रणवीर सिंह, श्री मुन्नू पाराशर, श्री जितेंद्र राजपूत, श्री कुमार रामधर सिंह, डॉ. राजकुमार लोधी, रजनीश ठाकुर, जंग बहादुर सिंह, रघुराज सिंह तोमर, संदीप ठाकुर, नारद यादव, प्रीति पाल सिंह ठाकुर, सीताराम ठाकुर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी शामिल हुए।
📌 निष्कर्ष
सागर कलेक्टर की यह पहल किसानों को सीधा मंच देकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है। किसानों का मानना है कि यदि इसी तरह निरंतर संवाद और कार्रवाई होती रही तो खेती-किसानी की स्थिति और भी बेहतर होगी तथा किसान आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे।