सागर, 19 सितम्बर 2025
नरयावली विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया अक्सर अपनी सादगी, सहज व्यवहार और जनता से जुड़े रहने की प्रवृत्ति के लिए पहचाने जाते हैं। शुक्रवार को यह पहलू एक बार फिर सामने आया, जब वे अचानक ही अपने क्षेत्र के ग्राम मेनपानी स्थित माध्यमिक शाला पहुँचे।
विद्यालय प्रांगण में जैसे ही बच्चों ने विधायक को अपने बीच देखा, उनके चेहरे खिल उठे। बच्चे उत्साह से भर गए और उनके बीच माहौल जीवंत हो उठा।

शिक्षा चौपाल में बच्चों से संवाद
विधायक श्री लारिया ने विद्यालय प्रांगण में “शिक्षा चौपाल” का आयोजन किया। इसमें उन्होंने बच्चों से सीधे संवाद किया। बड़े ही आत्मीय भाव से उन्होंने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया।
- उन्होंने बच्चों को पढ़ाई के साथ अनुशासन और संस्कार की अहमियत बताई।
- शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए सतत प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी।
- वहीं, शिक्षकों से भी उन्होंने अनुरोध किया कि वे पूरी लगन और मनोयोग से बच्चों को अध्यापन कराएँ ताकि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे।
जर्जर भवनों के कारण कक्षों की कमी
निरीक्षण के दौरान विधायक श्री लारिया ने देखा कि विद्यालय में पुराने भवन और कक्ष शासन द्वारा जर्जर घोषित कर डिस्मेंटल कर दिए गए हैं। यह निर्णय उचित था, किंतु उनके स्थान पर न तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई और न ही स्थायी भवन निर्माण की शुरुआत हुई।
फलस्वरूप विद्यालय में कक्षों की भारी कमी हो गई है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

3 लाख रुपये की तत्काल स्वीकृति
इस समस्या से जब बच्चों और स्थानीय नागरिकों ने विधायक को अवगत कराया, तो उन्होंने बिना समय गंवाए बच्चों की शिक्षा को ध्यान में रखते हुए अपनी विधायक निधि से तुरंत 3 लाख रुपये टीनशेड निर्माण हेतु स्वीकृत कर दिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा में कोई भी बाधा स्वीकार्य नहीं है और बच्चों की पढ़ाई निरंतर जारी रहनी चाहिए।
प्रशासन से नाराज़गी और मांग
विधायक श्री लारिया ने प्रशासन के समक्ष यह आपत्ति दर्ज कराई कि जब भवन डिस्मेंटल किए जाते हैं तो तत्काल वैकल्पिक कक्षों का निर्माण सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में शीघ्र ही नई व्यवस्था बनाई जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
ग्रामीणों से संवाद
विद्यालय कार्यक्रम के उपरांत विधायक लारिया ने गाँव का भ्रमण किया। उन्होंने ग्रामीणों से कुशलक्षेम पूछी और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

सामूहिक उपस्थिति
इस पूरे अवसर पर गाँव के सरपंच, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
माध्यमिक शाला मेनपानी की यह घटना केवल एक प्रशासनिक पहल भर नहीं है, बल्कि यह एक संदेश है कि यदि जनप्रतिनिधि संवेदनशील हों, तो बच्चों की शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सकती है। विधायक प्रदीप लारिया ने यह दिखा दिया कि राजनीति केवल भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान तक पहुंचनी चाहिए।