कलेक्टर श्री संदीप जी.आर. के निर्देशन एवं उच्च शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में सेवा पखवाड़ा के तीसरे दिन आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय द्वारा गोद लिए गए ग्राम जमुनियां में किसानों के लिए जैविक खेती पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. आभा जैन ने की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान, महाविद्यालय का शिक्षकीय स्टॉफ एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
किसानों को मिला जैविक खेती का मार्गदर्शन
मुख्य वक्ता के रूप में उद्यानिकी विभाग से श्री प्रदीप परिहार, कृषि विभाग से श्री अनिल मंडलोई एवं श्री हरिकृष्ण उडदिया उपस्थित रहे। विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक खेती के महत्व, उपयोगिता और दीर्घकालीन लाभ पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि –

- जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है।
- रासायनिक खाद की अपेक्षा घरेलू अपशिष्ट और प्राकृतिक संसाधनों से निर्मित खाद सुरक्षित एवं किफायती होती है।
- जैविक पद्धति से पैदा की गई फसलें स्वास्थ्यवर्धक होती हैं और उनकी बाजार में मांग भी अधिक रहती है।
समस्याओं का समाधान भी बताया
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने खेती में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों पर प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने मिट्टी की जाँच, कीट प्रबंधन, जल संरक्षण तकनीक, फसल विविधिकरण और जैविक खाद निर्माण की विधियाँ विस्तार से बताकर समाधान प्रस्तुत किए।
नि:शुल्क पुस्तकों का वितरण
जागरूकता अभियान के अंतर्गत किसानों को जैविक खेती पर आधारित पुस्तिकाएं नि:शुल्क वितरित की गईं ताकि वे अपने खेतों में सीख को व्यवहार में उतार सकें।
सहभागिता ने बढ़ाया उत्साह
ग्राम जमुनियां में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों के साथ-साथ महाविद्यालय का शिक्षकीय स्टॉफ और छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम खेती को लाभकारी बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक हैं।