जबलपुर — मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन आज, 26 अप्रैल को किया जा रहा है। जबलपुर जिले में इस परीक्षा के लिए 14 केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 5 हजार अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं।
पहली पाली शुरू, समय से पहले पहुंचना था अनिवार्य
परीक्षा का पहला सत्र सुबह 10:00 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे, ताकि जांच प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।

थ्री-लेयर चेकिंग से सुरक्षा कड़ी
परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने तीन स्तर की जांच प्रणाली लागू की है। सबसे पहले अभ्यर्थियों की फिजिकल चेकिंग की जा रही है, इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा है और अंत में हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से जांच की जा रही है। इन सभी चरणों को पूरा करने के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जा रहा है।
सख्त नियमों के बीच परीक्षा
प्रशासन द्वारा परीक्षा केंद्रों पर सख्त नियम लागू किए गए हैं। अभ्यर्थियों को जूते-मोजे, घड़ी, बेल्ट, पर्स और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं है। केवल बॉलपेन, ई-एडमिट कार्ड, वैध पहचान पत्र और पारदर्शी पानी की बोतल ही साथ ले जाने की अनुमति दी गई है।
अभ्यर्थियों में उत्साह और चिंता दोनों
परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों में उत्साह के साथ हल्की चिंता भी देखने को मिली। अभ्यर्थी सोनम जैन ने बताया कि यह उनका पहला प्रयास है और नेगेटिव मार्किंग को लेकर थोड़ी चिंता है। वहीं, ओमप्रकाश मिश्रा का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में किए गए नए बदलावों से योग्य उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा।
जबलपुर में MPPSC प्रारंभिक परीक्षा कड़े सुरक्षा प्रबंधों और सुव्यवस्थित व्यवस्था के बीच संपन्न हो रही है। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित किया जा सके।