सागर। धर्म, संस्कृति और संस्कार जीवन के सच्चे आधार हैं। इनके बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है। यदि हम अगली पीढ़ी को यह विरासत नहीं दे पाए तो अपार धन-दौलत भी बेकार है। यह विचार पूर्व गृहमंत्री एवं खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह ने सागर के बाघराज वार्ड में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अवसरवादी राजनीति हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी कमजोरी बन रही है। इससे न केवल लोकतंत्र में नागरिकों की आस्था कम होती है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र की स्थिरता के लिए भी खतरा है।

कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम एमआईसी सदस्य राजकुमार पटेल और उमेश यादव द्वारा किया गया था। अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा कि संस्कार विहीन संतान देश, समाज और परिवार – तीनों के लिए अहितकारी होती है। उन्होंने कहा कि माता का जीवन और आचरण ही बच्चे के संस्कारों की जड़ होता है। माताएं ही राष्ट्र, समाज और परिवार का भविष्य गढ़ती हैं। उन्होंने महाभारत के अभिमन्यु का उदाहरण देते हुए कहा कि गर्भकाल में मां जो देखती, सुनती या करती है, उसका प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर पड़ता है। इसलिए माताओं को चाहिए कि वे धार्मिक ग्रंथों, गीता-रामायण का पाठ करें और नकारात्मक चीज़ों से दूरी बनाए रखें ताकि भावी पीढ़ी में अच्छे संस्कार पनप सकें।

पूर्व गृहमंत्री ने कहा कि बच्चों को ऐसे संस्कार दें कि वे सूर्योदय से पूर्व उठें, भगवान और माता-पिता को प्रणाम करें। इससे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों लाभ मिलते हैं। उन्होंने चिंता जताई कि आज मोबाइल फोन ने घरों पर कब्जा कर लिया है, जिससे परिवारों में आत्मीयता खत्म होती जा रही है। उन्होंने कहा कि जो बेटियां सफलता हासिल कर रही हैं, वे मोबाइल से दूरी बनाए रखकर पढ़ाई पर ध्यान देती हैं, यही अनुकरणीय उदाहरण है।

श्री सिंह ने भारतीय संस्कृति को “नारी प्रधान संस्कृति” बताते हुए कहा कि भारत मां का देश है, जहां कन्याओं को देवी स्वरूप में पूजा जाता है। उन्होंने कहा कि नारी सम्मान के बिना देश, समाज और परिवार का उत्थान संभव नहीं है। जब भी इस देश पर संकट आया, मां दुर्गा ने अवतार लेकर दुष्टों का संहार किया है।
राजनीति पर बोलते हुए श्री सिंह ने कहा कि राजनीति समाज के भविष्य का निर्धारण करती है। यदि नागरिक अयोग्य व्यक्तियों को चुनते हैं, तो उसका दुष्परिणाम पूरा समाज भुगतता है। उन्होंने कहा, “राजनीति सेवा और जनकल्याण का माध्यम है, साध्य नहीं।” अवसरवादी राजनीति में न तो मूल्य होते हैं, न नैतिकता, इसलिए यह लोकतंत्र को भीतर से कमजोर करती है। जनता को जागरूक रहकर ऐसे तत्वों को नकारना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राजनीति में आएं, ताकि समाज में स्वच्छता और पारदर्शिता बनी रहे।
श्री सिंह ने कहा कि सरकार और राजनीति का उद्देश्य नागरिकों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, विकास और जनकल्याण है। उन्होंने कहा कि हमारी भाजपा सरकार ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया है क्योंकि “महिलाएं मजबूत तो देश मजबूत”। अधिकतर योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर बनाई जा रही हैं ताकि परिवार का पोषण और विकास सुनिश्चित हो सके।

नशे को लेकर उन्होंने कहा कि यह समाज और परिवारों को नष्ट कर रहा है, इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं, जिससे देश की विकास यात्रा को गति मिल रही है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अधर्म और गलत संगति से दूर रहें क्योंकि यह हमारे मन और जीवन दोनों को दूषित करते हैं।
कार्यक्रम में महापौर प्रतिनिधि डॉ. सुशील तिवारी, वरिष्ठ भाजपा नेता, एमआईसी सदस्य राजकुमार पटेल, युवा नेता अविराज सिंह, जिन्होंने शिव तांडव स्तोत्र का सस्वर पाठ किया, सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शैलेंद्र ठाकुर और शुभम नामदेव ने किया जबकि आभार रामकुमार पटेल ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, डॉ. सुशील तिवारी, विनोद तिवारी, श्रीमती कंचन जड़िया, श्रीमती संगीता जैन, नरेश यादव, अविराज सिंह, कन्हई पटेल, उमेश यादव, संतोष रोहित, सूरज घोषी, नवीन भट्ट, रामू ठेकेदार, महेश साहू, अजय तिवारी, अजय जैन, शुभम घोषी, राजकुमार नामदेव, नमन चौबे, कृष्णकुमार पटेल, अनुज पटेल, राजीव सोनी, और सैकड़ों की संख्या में वार्डवासी, नारीशक्ति, युवा शक्ति एवं महिला भजन मंडलियों की बहनें उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का वातावरण पूर्णतः धार्मिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रहा, जिसमें भूपेन्द्र सिंह के विचारों ने उपस्थित जनसमूह को चिंतन और प्रेरणा का संदेश दिया।