इंदौर अग्निकांड में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का चौंकाने वाला खुलासा !

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इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स (बृजेश्वरी अन्नेक्स) कॉलोनी में 18 मार्च 2026 की तड़के हुए भीषण अग्निकांड में उद्योगपति मनोज पुगलिया समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी। शनिवार (21 मार्च) को एमवाई अस्पताल (या एमजीएम) की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को सौंपी गई, जिसमें कई बड़े खुलासे हुए हैं।

  • तनय का “शव” फोम निकला: 6 वर्षीय तनय (रुचिका उर्फ टीनू का बेटा) का शव सबसे आखिर में मलबे से निकाला गया था। रेस्क्यू टीम (SDRF) ने पोटली में जो सामग्री निकाली और उसे बच्चे का धड़ समझकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा, वह दरअसल सोफे का फोम था। रिपोर्ट में साफ हुआ कि तनय का सिर्फ एक पैर ही मिला है। सिर, धड़ और बाकी अंग अभी तक नहीं मिले। फोरेंसिक टीम अब दोबारा घटनास्थल पर तलाश कर रही है। आशंका है कि ब्लास्ट की चपेट में शरीर के टुकड़े उड़ गए या पूरी तरह जल गए।
  • किसी को करंट नहीं लगा: सभी 8 मौतों का कारण धुआं भरना (कार्बन मोनोऑक्साइड poisoning) और आग से झुलसना बताया गया है। मनोज पुगलिया के बेटे सौरभ ने फायर ब्रिगेड पर आरोप लगाया था कि बिजली बंद किए बिना पानी डाला गया, जिससे करंट लगने का खतरा था। रिपोर्ट ने इस आशंका को पूरी तरह खारिज कर दिया।
  • विजय सेठिया और रुचिका की मौत दम घुटने से: दोनों के शव कम झुलसे थे। शरीर में CO के अवशेष मिले। सोते हुए धुआं गले में भरने से मौत हुई, बाद में आग पहुंची।
  • महिलाओं के शव बुरी तरह जले: तीन महिलाओं के शव इतने जल चुके थे कि पहचान मुश्किल थी। सभी चार महिलाओं (सिमरन, रुचिका/टीनू, सुमन आदि) के गर्भाशय की जांच की गई — कोई भी गर्भवती नहीं थी। घटना के बाद नौकरानी और कुछ परिजनों ने सिमरन के 4 महीने गर्भवती होने की अफवाह फैलाई थी, जो गलत साबित हुई।

हादसे का क्रम (जानकारी के अनुसार):

मनोज पुगलिया ने पहले अपने बेटों (सौरभ, सौमिल, हर्षित) और पत्नी सुनीता को बाहर निकाला। फिर अंदर फंसे लोगों को बचाने गए, लेकिन आग तेज हो गई। वे खुद बाहर नहीं निकल सके। उनके और बहू सिमरन के शव छत पर चैनल गेट के पास मिले।

घटना की शुरुआत घर के बाहर बिजली पोल या EV चार्जिंग पॉइंट से चिंगारियों से बताई जा रही है (कुछ रिपोर्ट्स में EV कार/स्कूटर चार्जिंग का जिक्र, जबकि सौरभ ने इसे खारिज करते हुए बिजली पोल को जिम्मेदार ठहराया)। आग तेजी से फैली, LPG सिलिंडर, फर्नीचर, फोम आदि में लगी और कई ब्लास्ट हुए।

बच गए सदस्य:

  • मनोज के बेटे सौरभ, सौमिल, हर्षित
  • पत्नी सुनीता
  • छोटी बहू सखी (कुछ रिपोर्ट्स में नाम थोड़े भिन्न)

परिवार फिलहाल रिश्तेदार के घर में है और नए आशियाने की तलाश कर रहा है। जनवरी में सौमिल की शादी के लिए घर में फर्नीचर और POP का काम करवाया गया था। छत पर बेटों के लिए जिम भी बनवाया था।

एमजीएम डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कहा कि रिपोर्ट सीधे पुलिस को सौंपी गई है। यह पुलिस की प्रॉपर्टी है, इसलिए सार्वजनिक नहीं की जा सकती।

यह घटना EV चार्जिंग सेफ्टी, घर में LPG स्टोरेज और इलेक्ट्रॉनिक लॉक्स (कुछ रिपोर्ट्स में बचाव में बाधा) को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रही है। सरकार ने जांच कमेटी गठित की है और EV चार्जिंग के लिए SOP बनाने की बात कही है।

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