इंदौर। शहर के देवगुराड़िया स्थित नगर निगम ट्रेंचिंग ग्राउंड में बुधवार रात तेंदुआ घूमते हुए नजर आया। नगर निगम कर्मचारियों ने तेंदुए का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जो अब वायरल हो रहा है। वीडियो में तेंदुआ कचरे के पहाड़ों के बीच घूमता और फिर झाड़ियों की ओर जाता दिख रहा है।
शिकायत पर वन विभाग सक्रिय—रेस्क्यू टीम करेगी निरीक्षण
रेंजर योगेश यादव ने बताया कि तेंदुए के मूवमेंट का वीडियो मिला है।
“टीम को मौके का निरीक्षण करने भेजा जाएगा। यह जांच की जा रही है कि तेंदुआ किस दिशा से आया है।”
हालांकि वन विभाग का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि तेंदुआ रालामंडल अभयारण्य से आया है या आसपास की अन्य पहाड़ियों से। बायपास के पास 3–4 पहाड़ियां हैं, जहां पहले भी तेंदुओं की आवाजाही के प्रमाण मिल चुके हैं।
डीएफओ प्रदीप मिश्रा ने बताया—
“देवगुराड़िया–रालामंडल बेल्ट में हमेशा वन प्राणियों का मूवमेंट रहता है। यहां 7–8 पहाड़ियों की श्रृंखला है, जिनके बीच नई कॉलोनियां भी विकसित हो रही हैं।”

इंदौर डिवीजन में 60 तेंदुए, अलग–अलग क्षेत्रों में सक्रिय
वन विभाग के मुताबिक—
- इंदौर डिवीजन में 60 तेंदुए मौजूद
- इनका मूवमेंट इंदौर, महू, मानपुर और चोरल क्षेत्र में
- रालामंडल क्षेत्र में सबसे ज्यादा तेंदुए पाए जाते हैं
वन अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए आमतौर पर इंसानों पर हमला नहीं करते, जब तक उन्हें उकसाया न जाए।

शहर में बढ़ता तेंदुओं का मूवमेंट—एक साल में कई बार दिखे
इंदौर में तेंदुए दिखने की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं—
- जनवरी 2025: सुपर कॉरिडोर पर TCS–Infosys के पास तेंदुए का मूवमेंट
- मार्च 2025: कैट रोड पर पंजों के निशान
- अप्रैल 2025: महू–जानापांव में वनकर्मी पर तेंदुए का हमला
- 2023: IIT इंदौर, आर्मी कैंपस महू, सिल्वर स्प्रिंग फेस-2, सिल्वर वुड–नेचर में मूवमेंट
अब देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड में दिखने से एक बार फिर दहशत फैल गई है।
थर्मल ड्रोन से होगी रातभर निगरानी
DFO प्रदीप मिश्रा ने बताया कि रालामंडल में एडवांस थर्मल ड्रोन सिस्टम लगाया जा रहा है—
- 5 किमी तक की निगरानी क्षमता
- सूर्यास्त से देर रात तक सक्रिय
- किसी भी वन्य प्राणी की मूवमेंट की लाइव अलर्ट सूचना
- ड्रोन में AI इंटीग्रेशन भी मौजूद
उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
लोगों से अपील—घबराएं नहीं, सावधानी रखें
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है—
- झाड़ियों, सुनसान क्षेत्रों में न जाएं
- बच्चों और पालतू जानवरों को अकेला न छोड़ें
- तेंदुआ दिखने पर फोन न करें, शोर न मचाएं, तुरंत 100 या वन विभाग हेल्पलाइन पर सूचना दें