इंदौर जहरीला पानी मामला: कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का सरकार पर तीखा हमला, विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग !

Spread the love

इंदौर | भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले में राज्य सरकार और भाजपा नेतृत्व पर कड़ा हमला बोलते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पटवारी ने कहा कि सरकार ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई, जो काम शासन-प्रशासन को करना चाहिए था, वह मीडिया ने किया। इसके लिए उन्होंने पत्रकारों का आभार भी व्यक्त किया।

पटवारी ने कहा कि इंदौर में जो हुआ, वह प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। सरकार अगर समय रहते सतर्क होती, तो मासूम लोगों की जान नहीं जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इलाज मुफ्त कराने की घोषणा की थी और इस पर एक पत्रकार ने सवाल उठाया, तो मंत्री की प्रतिक्रिया न केवल असंवेदनशील थी, बल्कि पूरे इंदौर को शर्मसार करने वाली थी।

पत्रकार से बदसलूकी पर कांग्रेस का विरोध
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस पत्रकार ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों को रिफंड न मिलने को लेकर सवाल पूछा, उसे गालियां दी गईं। कांग्रेस उस पत्रकार के साथ खड़ी है और उसके साहस का सम्मान करती है। पटवारी ने इसे लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया।

इस्तीफे की मांग, नैतिक जिम्मेदारी तय करने की बात
जीतू पटवारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफा लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण मासूम बच्चों सहित कई लोगों की जान गई है, लेकिन अब तक किसी जिम्मेदार पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

“भाजपा सरकार हत्यारी है”
पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। पहले 25 बच्चों की मौत हुई, अब 13 और लोगों की जान चली गई, लेकिन आज तक किसी को सजा नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार हत्यारी है।
उन्होंने कहा, “जिस शहर ने जनता के प्रयासों से स्वच्छता का तमगा दिलाया, उसी जनता को दूषित पानी में जहर पिला दिया गया।”

कांग्रेस बनाएगी जांच रिपोर्ट
कांग्रेस ने इस मामले में दो पूर्व मंत्रियों के नेतृत्व में जांच समिति गठित की है। पटवारी ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। कांग्रेस की प्रमुख मांगें हैं—

  • जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए
  • मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए
  • बीमार लोगों को बेहतर और पूरी तरह निशुल्क इलाज उपलब्ध कराया जाए

मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर भी उठाए सवाल
पटवारी ने कहा कि इस घटना के लिए मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और प्रभारी मंत्री तीनों जिम्मेदार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की गरिमा इस तरह की घटनाओं से प्रभावित हो रही है और सरकार को तुरंत सख्त कदम उठाने चाहिए।

उदित राज का भी हमला
कांग्रेस के पूर्व सांसद उदित राज ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि घटनाएं हर जगह होती हैं, लेकिन फर्क यह है कि दूसरी सरकारें गलती स्वीकार करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा “चोरी और सीनाजोरी” करती है और हर मामले में विपक्ष या पुराने नेताओं को जिम्मेदार ठहराती है।
उन्होंने देशभर में बढ़ती हिंसा, घोटालों और सामाजिक तनाव का भी जिक्र किया।

विवाद की जड़: पत्रकार से मंत्री की टिप्पणी
बुधवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे और अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों से मुलाकात की। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात भी कही।

बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जब मीडिया ने सवाल किया कि मरीजों के परिजनों को इलाज में खर्च हुई राशि का रिफंड क्यों नहीं मिला, तो मंत्री ने कथित तौर पर कहा—“फोकट सवाल मत पूछो।” इसके बाद हुए विवाद में उन्होंने अपशब्द भी कहे। हालांकि कुछ देर बाद विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने शब्दों को लेकर खेद व्यक्त किया।

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार लोग अब भी अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं और इस मामले ने प्रदेश की राजनीति को पूरी तरह गरमा दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *