इंदौर। इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन प्रोजेक्ट में रेलवे ने सबसे चुनौतीपूर्ण और सबसे लंबी 8.6 किलोमीटर टनल (टनल-2) का निर्माण शुरू कर दिया है। यह टनल बागली तहसील के कमलापुर गांव के पास बन रही है। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अनुसार, तीन महीने के भीतर इस टनल के 150 मीटर हिस्से का काम पूरा हो चुका है। टनल का पूरा निर्माण आगामी तीन सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
तेजी से हो रहा निर्माण
आरवीएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में केवल दो महीने में 100 मीटर हिस्से का काम पूरा किया गया था। अब 150 मीटर तक काम पूरा हो चुका है, जिसे बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में एक और 1.24 किमी लंबी टनल भी शामिल है, जिसका निर्माण जल्द शुरू किया जाएगा।

- टनल निर्माण की लागत: लगभग 1,000 करोड़ रुपए
- कुल प्रोजेक्ट लंबाई: 205 किलोमीटर
- अनुमानित लागत: 7,500 करोड़ रुपए
- निर्माण पूरा होने का लक्ष्य: 2029-30
- जमीन अधिग्रहण शेष: 25-35 किमी
अन्य निर्माण कार्य भी जारी
टनल के अलावा रेलवे ने प्रोजेक्ट के करीब 100 किलोमीटर हिस्से में अंडरपास, ब्रिज और अन्य सेक्शन का काम भी शुरू कर दिया है।
फायदा यात्रियों को
पूर्व रेलवे पैसेंजर एमीनिटीज कमेटी के सदस्य नागेश नामजोशी ने बताया कि यह नई रेल लाइन यात्री और मालगाड़ियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। नई लाइन से जबलपुर की दूरी 68 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। फिलहाल भोपाल और इटारसी होते हुए ट्रेन जाती है, जिसकी दूरी लगभग 554 किलोमीटर है। नई लाइन के बाद यह दूरी घटकर 486 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे लगभग एक घंटे का समय बचेगा।
नई रेल लाइन से उत्तर से दक्षिण की ट्रेनों के लिए भी नया रूट तैयार होगा, जिससे मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारू होगी।
किसानों का विरोध जारी
इंदौर-बुधनी रेल लाइन के लिए कई स्थानों पर किसानों का विरोध भी जारी है। उनका कहना है कि रेल लाइन के लिए उनकी उपजाऊ जमीन जा रही है और प्रशासन नियमों के अनुसार मुआवजा नहीं दे रहा। किसानों ने मांग की है कि उन्हें बाजार भाव या समतुल्य खेती योग्य जमीन दी जाए।
यह दूसरी टनल
रेलवे ने बताया कि इंदौर से जुड़े रेल प्रोजेक्ट में यह दूसरी टनल है। इससे पहले इंदौर-दाहोद रेल प्रोजेक्ट में रेलवे टीही के आगे 3 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण कर रहा है, जो 2020 से चल रहा है।