मध्यप्रदेश के इंदौर में नकली कीटनाशक और मच्छर भगाने वाले उत्पादों का अवैध कारोबार करने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। गुरुवार को क्राइम ब्रांच और हीरानगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी बाजार में Godrej Consumer Products के नकली “हिट” और “गुड नाइट” ब्रांड के उत्पाद बेच रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 30 हजार रुपए कीमत का नकली सामान जब्त किया है।
यह कार्रवाई उस समय की गई जब कंपनी से जुड़ी आईपीआर सर्विसेस के असिस्टेंट मैनेजर सुभाष शर्मा ने पुलिस को शिकायत देकर नकली उत्पादों की सप्लाई की जानकारी दी। शिकायत में बताया गया था कि महेश चौहान और हरीश चावड़ा नामक व्यक्ति बाजार में गोदरेज कंपनी के नाम से नकली मच्छर भगाने वाले उत्पाद और कीटनाशक बेच रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और जांच शुरू की।

संयुक्त टीम ने की छापेमारी
सूचना की पुष्टि होने के बाद क्राइम ब्रांच, हीरानगर थाना पुलिस और कीटनाशक निरीक्षक सीएल मालवीय की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। पुलिस टीम ने दीनदयाल उपाध्याय नगर और सुखलिया इलाके में दबिश दी। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास रखी चार बोरियों की तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में नकली कीटनाशक और मच्छर भगाने वाले उत्पाद बरामद हुए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद माल की पैकिंग बिल्कुल असली उत्पादों जैसी दिखाई दे रही थी, जिससे आम ग्राहक आसानी से धोखा खा सकते थे। नकली उत्पादों को इस तरह तैयार किया गया था कि पहली नजर में असली और नकली में फर्क कर पाना मुश्किल था।
बड़ी मात्रा में नकली उत्पाद जब्त
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 70 बोतल काला हिट एंटी मॉस्किटो स्प्रे, 26 बोतल लाल हिट एंटी कॉकरोच स्प्रे और 1450 गोदरेज गुड नाइट मॉस्किटो रिपेलेंट रिफिल पैक जब्त किए।
विशेषज्ञों द्वारा प्रारंभिक जांच में यह सभी उत्पाद नकली और अमानक पाए गए। अधिकारियों का कहना है कि इन उत्पादों में इस्तेमाल किए गए रसायन लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक हो सकते हैं। नकली कीटनाशकों और मॉस्किटो रिपेलेंट्स के कारण उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान के साथ स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी हो सकता है।
गुजरात से लाकर इंदौर में करते थे सप्लाई
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे नकली माल गुजरात से मंगवाते थे और बाद में इंदौर के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करते थे। आरोपी स्थानीय दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को कम कीमत में ये उत्पाद बेचते थे, जिससे बाजार में तेजी से इनकी खपत बढ़ रही थी।
पुलिस को आशंका है कि इस अवैध कारोबार के पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है, जो कई राज्यों में नकली ब्रांडेड उत्पादों की सप्लाई कर रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़
विशेषज्ञों का कहना है कि नकली कीटनाशक और मच्छर भगाने वाले उत्पाद बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। इनमें घटिया और असुरक्षित रसायनों का उपयोग किया जाता है, जिससे त्वचा, सांस और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
इसके अलावा ऐसे नकली उत्पाद मच्छरों और कीड़ों पर प्रभावी भी नहीं होते, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। गर्मी और बरसात के मौसम में इन उत्पादों की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर नकली कारोबार करने वाले गिरोह सक्रिय हो जाते हैं।
कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने दोनों आरोपियों महेश चौहान और हरीश चावड़ा के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही खाद्य एवं औषधि विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को भी मामले की जानकारी दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि नकली उत्पादों की सप्लाई चेन का पता लगाया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इन उत्पादों को बनाने वाली फैक्ट्री कहां संचालित हो रही थी और किन-किन शहरों में सप्लाई की जा रही थी।
पुलिस ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
पुलिस और कंपनी अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत दुकानों से ही ब्रांडेड उत्पाद खरीदें। यदि किसी उत्पाद की कीमत सामान्य से बहुत कम हो या पैकिंग संदिग्ध लगे, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस या संबंधित कंपनी को दें।
विशेषज्ञों का कहना है कि नकली सामान के खिलाफ जागरूकता बेहद जरूरी है, क्योंकि ऐसे उत्पाद न केवल कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि आम जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बनते हैं।
इंदौर में हुई यह कार्रवाई नकली ब्रांडेड उत्पादों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।