मध्यप्रदेश क्रिकेट के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। इंदौर में पहली बार मध्यप्रदेश प्रीमियर लीग (एमपीएल) के लिए खिलाड़ियों की नीलामी आयोजित की जा रही है। यह आयोजन आईपीएल की तर्ज पर हो रहा है, जिससे राज्य के क्रिकेटरों को बड़ा मंच और आर्थिक अवसर मिलने की उम्मीद है। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दोपहर 2:30 बजे से शुरू होने वाली इस नीलामी में कुल 244 खिलाड़ियों पर बोली लगेगी और लगभग 5 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च होने का अनुमान है।
नीलामी प्रक्रिया को मशहूर कमेंटेटर चारू शर्मा संचालित करेंगे, जबकि महानआर्यमान सिंधिया की उपस्थिति इस आयोजन को और खास बनाएगी। इस बार कुल 10 फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें इंदौर पिंक पैंथर्स, भोपाल लेपर्ड्स, ग्वालियर चेतक, मालवा स्टैलियंस, उज्जैन फाल्कन्स जैसी टीमें शामिल हैं।

244 खिलाड़ियों पर होगी बोली, हर टीम के पास 50 लाख का बजट
हर फ्रेंचाइजी को खिलाड़ियों की खरीद के लिए 50 लाख रुपए का पर्स दिया गया है। इस राशि से टीमें 14-15 खिलाड़ियों को खरीद या रिटेन कर सकती हैं, जबकि दो अतिरिक्त खिलाड़ी प्लेयर्स डेवलपमेंट प्रोग्राम के जरिए जोड़े जाएंगे। इस प्रक्रिया के बाद कुल 133 से 143 खिलाड़ियों का चयन होगा, और हर टीम में 16-17 खिलाड़ी शामिल होंगे।
वेंकटेश अय्यर सबसे महंगे रिटेन खिलाड़ी
नीलामी से पहले ही कुछ खिलाड़ियों को टीमों ने रिटेन कर लिया है। इनमें सबसे महंगे वेंकटेश अय्यर रहे, जिन्हें इंदौर पिंक पैंथर्स ने 12.5 लाख रुपए में अपने साथ बनाए रखा है। इसके अलावा अर्शद खान को भोपाल लेपर्ड्स ने 8 लाख और रजत पाटीदार को ग्वालियर टीम ने 7 लाख रुपए में रिटेन किया है।
इन खिलाड़ियों पर रहेगी सबसे ज्यादा नजर
नीलामी में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिन पर बड़ी बोली लगने की उम्मीद है। इनमें आवेश खान, आशुतोष शर्मा, अनिकेत वर्मा, माधव तिवारी और शिवांग कुमार जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
आवेश खान पहले ही आईपीएल में बड़ी रकम पर खरीदे जा चुके हैं, जिससे एमपीएल में भी उनकी मांग काफी अधिक रहने की संभावना है।
10 खिलाड़ियों का बेस प्राइस 3 लाख
इस नीलामी में 11 खिलाड़ियों को “मार्की” कैटेगरी में रखा गया है, जिनका बेस प्राइस 3 लाख रुपए है। इनमें आवेश खान, आशुतोष शर्मा, कुलदीप सेन, कुमार कार्तिकेय सिंह, शिवम शुक्ला, माधव तिवारी, शिवांग कुमार, सारांश जैन, अक्षत रघुवंशी और मंगेश यादव शामिल हैं।
खिलाड़ियों की चार कैटेगरी
नीलामी को व्यवस्थित बनाने के लिए खिलाड़ियों को चार श्रेणियों में बांटा गया है:
- ए श्रेणी: अंतरराष्ट्रीय या आईपीएल खिलाड़ी (बेस प्राइस 3 लाख)
- बी श्रेणी: रणजी/विजय हजारे स्तर के खिलाड़ी (1.5 लाख)
- सी श्रेणी: जूनियर स्तर के खिलाड़ी (75 हजार)
- डी श्रेणी: स्थानीय टूर्नामेंट खिलाड़ी (50 हजार)
यह वर्गीकरण खिलाड़ियों के अनुभव और प्रदर्शन के आधार पर किया गया है, जिससे टीमों को संतुलित चयन करने में मदद मिलेगी।
19 साल से कम खिलाड़ियों पर प्रतिबंध
इस लीग में 19 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को शामिल नहीं किया गया है। यह निर्णय बीसीसीआई की नीति के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को लंबे प्रारूप (रेड-बॉल क्रिकेट) पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित करना है।
तीन नई टीमों की एंट्री
इस सीजन में तीन नई फ्रेंचाइजी जुड़ने से प्रतिस्पर्धा और भी रोचक हो गई है। इससे न केवल खिलाड़ियों के लिए अवसर बढ़े हैं, बल्कि दर्शकों के लिए भी मुकाबले ज्यादा रोमांचक होंगे।
आईपीएल से जुड़ाव बढ़ाएगा आकर्षण
एमपी के कई खिलाड़ी इस समय आईपीएल में भी खेल रहे हैं, जिनमें रजत पाटीदार, वेंकटेश अय्यर, आवेश खान और कुलदीप सेन जैसे नाम शामिल हैं। इससे एमपीएल को भी एक मजबूत पहचान मिलने की उम्मीद है।
जून में होगा टूर्नामेंट
नीलामी के बाद एमपीएल का आयोजन जून में इंदौर और ग्वालियर में किया जाएगा। यह लीग राज्य के उभरते खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा प्लेटफॉर्म साबित हो सकती है, जहां से वे भविष्य में आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंच सकते हैं।
एमपीएल की यह पहली नीलामी न केवल खिलाड़ियों के लिए आर्थिक अवसर लेकर आई है, बल्कि मध्यप्रदेश क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। अगर यह मॉडल सफल होता है, तो आने वाले वर्षों में यह लीग देश की प्रमुख घरेलू टी-20 लीगों में शामिल हो सकती है।