मध्यप्रदेश के इंदौर से एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहां बस स्टैंड पर इंतजार कर रहे एक यात्री को पहले मदद के नाम पर फंसाया गया और फिर उसके साथ लूट की घटना को अंजाम दिया गया। यह घटना आजादनगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां तीन आरोपियों ने मिलकर युवक के साथ मारपीट कर उसकी नकदी और मोबाइल छीन लिया।
पुलिस के अनुसार पीड़ित झहर सिंह निवासी सिमरोल रोड 3 मई की रात करीब 11 बजे तीन इमली बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान एक महिला, जिसका नाम रोशनी बताया जा रहा है, अपने बच्चे के साथ वहां पहुंची। उसने युवक से मदद मांगी और कहा कि शौचालय के पीछे उसकी सहेली गिर गई है और उसे तुरंत सहायता की जरूरत है।

मदद के नाम पर रची गई साजिश
महिला की बातों पर भरोसा कर युवक उसके साथ सुलभ कॉम्प्लेक्स के पीछे चला गया। जैसे ही वह सुनसान जगह पर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद दो युवक—सुनील और मोनू—छिपे हुए थे। तीनों ने मिलकर युवक को घेर लिया और उसे धमकाना शुरू कर दिया।
आरोपियों ने युवक को बदनाम करने की धमकी दी और कहा कि यदि उसने विरोध किया तो झूठे मामले में फंसा दिया जाएगा। इसी दबाव में उन्होंने युवक की जेब से करीब 26 हजार रुपये नकद और उसका मोबाइल फोन छीन लिया।
विरोध करने पर मारपीट
जब पीड़ित ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और थप्पड़ मारकर वहां से भगा दिया। घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित उस समय बदनामी और डर के कारण तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करा सका।
बाद में दर्ज कराई शिकायत
घटना की जानकारी पीड़ित ने पहले अपने परिजनों को दी, जिसके बाद मंगलवार को वह थाने पहुंचा और पूरी घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों—सुनील और मोनू उर्फ ऋषभ—को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और तीसरी आरोपी महिला रोशनी की तलाश जारी है।
आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास पहले से है। सुनील और रोशनी पर पूर्व में भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं रोशनी के पिता के खिलाफ भी अलग-अलग मामलों में तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में प्रकरण दर्ज हैं।
पुलिस कर रही अन्य वारदातों की जांच
पुलिस का कहना है कि आरोपियों का तरीका देखकर आशंका है कि यह गिरोह पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा हो सकता है। इसलिए उनके पुराने रिकॉर्ड और अन्य संभावित मामलों की भी जांच की जा रही है।
शहर में बढ़ती ठगी और लूट की घटनाएं
इस घटना ने एक बार फिर शहर में बढ़ती ठगी और सड़क अपराधों की ओर ध्यान खींचा है। सार्वजनिक स्थानों, खासकर बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे क्षेत्रों में यात्रियों को निशाना बनाने वाले गिरोह सक्रिय बताए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं में अक्सर “हनी ट्रैप” या “डिस्ट्रैक्शन क्राइम” जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जहां पहले मदद का भरोसा दिलाकर व्यक्ति को अलग जगह ले जाया जाता है और फिर अपराध किया जाता है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की मदद के बहाने सुनसान जगह पर न जाएं और तुरंत ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और फरार महिला आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।