इंदौर में आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था और आधारभूत अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को नगर निगम महापौर पुष्यमित्र भार्गव और जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने शहर की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं एमआर-4 और एमआर-12 का मौके पर जाकर विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों, इंजीनियरों और जनप्रतिनिधियों की टीम भी मौजूद रही।
महापौर ने सबसे पहले एमआर-4 सड़क परियोजना के निर्माण कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। यह सड़क अहिल्या आश्रम स्कूल से भागीरथपुरा होते हुए आईएसबीटी एमआर-10 तक विकसित की जा रही है। अधिकारियों ने उन्हें निर्माण कार्य की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। महापौर ने स्पष्ट किया कि यह सड़क शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और भविष्य में यातायात दबाव को कम करने में मददगार साबित होगी।
निरीक्षण के दौरान महापौर ने निर्माण स्थल पर कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि कार्य तय मानकों के अनुसार हो रहा है या नहीं और क्या निर्माण एजेंसी समयसीमा का पालन कर रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए और निर्माण कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।

इसके बाद महापौर ने एमआर-10 से एमआर-12 तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस हिस्से में चल रहे निर्माण कार्यों की तकनीकी प्रगति, आवश्यक अधोसंरचना और यातायात प्रबंधन से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस मार्ग का विकास भविष्य में शहर के ट्रैफिक को सुचारु बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा, विशेष रूप से सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन के दौरान।
महापौर भार्गव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए इंदौर शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए बेहतर सड़क और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी काम निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार ही किए जाएं और निर्माण की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी सुधार की आवश्यकता हो, उसे तुरंत लागू किया जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो।
निरीक्षण के दौरान यह भी चर्चा की गई कि इन सड़कों के निर्माण से न केवल सिंहस्थ के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन आसान होगा, बल्कि शहर के सामान्य नागरिकों को भी लंबे समय तक बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। इससे शहर के प्रमुख क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा समय में भी कमी आएगी।

महापौर ने यह भी कहा कि इंदौर को एक व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह परियोजनाएं अहम भूमिका निभाएंगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें ताकि किसी भी स्तर पर देरी या बाधा न आए।
निरीक्षण के दौरान पार्षद कमल वाघेला, अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, अधीक्षण यंत्री पीएस कुशवाह, नरेश जायसवाल सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी और संबंधित विभागों के कर्मचारी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने मौके पर चल रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी दी और आगे की कार्य योजना पर भी चर्चा की।
कुल मिलाकर, इंदौर में सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए चल रही यह सड़क परियोजनाएं शहर के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। प्रशासन का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा और आम नागरिकों के साथ-साथ आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुगम और सुरक्षित यात्रा अनुभव प्राप्त होगा।