तेहरान/तेल अवीव, 14 जून 2025।
मध्य-पूर्व में इजराइल और ईरान के बीच तनाव दूसरे दिन भी और अधिक घातक रूप ले चुका है। बीते 24 घंटों के भीतर हुए भीषण सैन्य हमलों में ईरान में अब तक कुल 138 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 6 परमाणु वैज्ञानिक और 20 से अधिक ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर्स भी शामिल हैं। इजराइली वायुसेना ने शुक्रवार को ईरान के परमाणु ठिकानों पर दो बार हवाई हमले किए, जबकि जवाब में ईरान ने इजराइल की राजधानी समेत कई शहरों पर मिसाइल हमले किए।

इजराइल ने किया परमाणु ठिकानों पर दुसरा बड़ा हमला
शुक्रवार रात 10:30 बजे इजराइली वायुसेना ने एक बार फिर ईरान के परमाणु केंद्रों पर हवाई हमला किया। इस हमले में 60 लोगों की मौत हो गई और 350 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इजराइल की ओर से भेजे गए फाइटर जेट्स ने ईरान के सेंट्रिफ्यूज संयंत्र, यूरेनियम संवर्धन केंद्रों और मिसाइल डिपो को निशाना बनाया।

सुबह के हमले में परमाणु वैज्ञानिक और कमांडर्स की मौत
इससे पहले शुक्रवार तड़के सुबह 5:30 बजे किए गए पहले हमले में 78 ईरानी मारे गए थे। इस हमले में मारे गए लोगों में 6 परमाणु वैज्ञानिक और 20 से ज्यादा ईरानी कमांडर्स शामिल थे, जो ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नाभिकीय रणनीति का हिस्सा माने जाते थे।

ईरान का पलटवार: 150 मिसाइलें दागीं
शुक्रवार रात हुए इजराइली हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने पलटवार करते हुए 150 से अधिक मिसाइलें इजराइल की ओर दागीं। इनमें से 6 मिसाइलें राजधानी तेल अवीव में आकर गिरीं। इन हमलों में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 90 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।

रक्षा मंत्रालय को निशाना बनाए जाने का दावा
ईरान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मिसाइलों ने इजराइली रक्षा मंत्रालय की बिल्डिंग को भी निशाना बनाया है। हालांकि, अभी तक इजराइली सरकार या सैन्य प्रवक्ता ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
नेतन्याहू को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया
हालात की गंभीरता को देखते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल एक सुरक्षित बंकर में शिफ्ट कर दिया है। राजधानी तेल अवीव और यरुशलम में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और नागरिकों को शेल्टर में रहने की सलाह दी गई है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता
इजराइल और ईरान के बीच जारी इस घातक संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, रूस और चीन समेत कई देशों ने गहरी चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत से समाधान निकालने की अपील की है।
ईरान और इजराइल के बीच टकराव अब केवल सीमा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। आने वाले 24 से 48 घंटे इस पूरे संकट के निर्णायक माने जा रहे हैं। यदि दोनों देशों ने जल्द संयम नहीं दिखाया, तो यह संघर्ष व्यापक युद्ध का रूप भी ले सकता है।