नई दिल्ली।
ईरान में जारी हिंसा और अस्थिर हालात के बीच फंसे भारतीय छात्रों का दूसरा बैच मंगलवार देर रात सुरक्षित भारत लौट आया। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने इस वापसी को छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत बताया है। लंबे समय से ईरान में बिगड़ते हालात को देखते हुए छात्र और उनके परिजन काफी चिंता में थे।
JKSA के अनुसार, छात्र दुबई और शारजाह के रास्ते एअर इंडिया की फ्लाइट AI-996 और AI-930 से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। सभी छात्रों ने अपने खर्च पर भारत वापसी की। अब तक 200 से ज्यादा भारतीय छात्र ईरान से लौट चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या जम्मू-कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले छात्रों की है।
फ्लाइट रद्द होने से बढ़ी थी मुश्किल
JKSA ने बताया कि हालात और भी मुश्किल इसलिए हो गए थे क्योंकि अजरबैजान और मस्कट होकर चलने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट्स समेत कई सिविल एविएशन सेवाएं पहले रद्द कर दी गई थीं। इसकी वजह से कई छात्र समय पर ईरान से बाहर नहीं निकल पाए।
इससे पहले 17 जनवरी को भी भारतीय छात्रों का एक बैच ईरान से भारत लौटा था। उस दौरान भी ज्यादातर लौटने वाले छात्र थे, जिनमें मेडिकल और अन्य प्रोफेशनल कोर्स करने वाले युवा शामिल थे।

ईरान में क्यों बिगड़े हालात
ईरान में हालात 28 दिसंबर 2025 के बाद तेजी से बिगड़ने लगे थे।
- ईरानी करेंसी रियाल के ऐतिहासिक रूप से नीचे गिरने
- बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी
के खिलाफ देशभर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हुए।
ये प्रदर्शन जल्द ही हिंसक हो गए और ईरान के सभी 31 प्रांतों में हिंसा फैल गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 3,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं। इन हालातों ने वहां पढ़ रहे विदेशी छात्रों, खासकर भारतीयों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी।
“वहां हालात बहुत खराब हैं”
ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने बताया,
“वहां हालात बहुत खराब हो चुके हैं। हर तरफ हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। बाहर निकलना भी सुरक्षित नहीं था।”
दिल्ली एयरपोर्ट पर परिजनों से मिलते ही कई छात्र और उनके परिवार भावुक हो गए और फूट-फूटकर रो पड़े। लंबे समय के तनाव और डर के बाद अपनों से मिलना उनके लिए किसी राहत से कम नहीं था।
दूतावास ने किया संपर्क, लेकिन निजी फ्लाइट से लौटे छात्र
ईरान से लौटी एक मेडिकल छात्रा ने बताया कि भारतीय दूतावास ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन फ्लाइट की अनिश्चितता को देखते हुए उन्होंने निजी फ्लाइट के जरिए खुद ही दिल्ली लौटने का फैसला किया।
कई छात्रों ने कहा कि दूतावास लगातार संपर्क में था, लेकिन हालात तेजी से बिगड़ने के कारण वे किसी भी तरह जल्द से जल्द भारत लौटना चाहते थे।
भारत सरकार की एडवाइजरी
भारत सरकार ने हालात को देखते हुए गुरुवार को एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को:
- अपना पासपोर्ट, वीजा और जरूरी दस्तावेज हमेशा साथ रखने
- दूतावास के संपर्क में रहने
की सलाह दी गई थी।
सरकारी प्रयासों और निजी स्तर पर की गई व्यवस्थाओं के जरिए अब तक सैकड़ों भारतीय सुरक्षित वापस लौट चुके हैं।
अभी भी नजर हालात पर
JKSA और अन्य संगठनों ने कहा है कि जो भारतीय छात्र और नागरिक अभी भी ईरान में फंसे हैं, उनके लिए लगातार प्रयास जारी हैं। संगठन ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि जरूरत पड़ने पर विशेष निकासी व्यवस्था भी की जाए, ताकि सभी भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके।
फिलहाल, दूसरे बैच की सुरक्षित वापसी से छात्रों और उनके परिवारों ने राहत की सांस ली है, लेकिन ईरान की स्थिति को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है।