उज्जैन: आने वाले उज्जैन मेले को लेकर शहर में ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शहर के ऑटो डीलर कंपनियां नए वाहनों का स्टॉक मंगाने में जुट गई हैं। पिछले सालों के अनुभव को देखते हुए इस बार भी डीलरों ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। ग्राहक भी अपनी पसंदीदा वेरियंट और कलर की बुकिंग करवाने में लग गए हैं। खासतौर पर मारुति और टाटा के डीलरों के यहां मेले की डील पहले ही फाइनल होने लगी हैं।
ग्राहक और डीलर दोनों उत्साहित:
जानकारी के अनुसार, अगले महीने से लगने वाले इस मेले के लिए ग्राहक पहले ही डीलरों के पास आने लगे हैं। शासन द्वारा नोटिफिकेशन जारी होने के बाद इस हलचल में और तेजी आ गई है। इंदौर ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के सह-सचिव विशाल पमनानी ने बताया कि पिछले वर्षों के बिक्री आंकड़ों के अनुसार उज्जैन मेले में सबसे अधिक कारें टाटा और मारुति की बिकी हैं। विशेषकर एंट्री लेवल और मिड-सेगमेंट कारों की मांग लगातार बनी हुई है।
उन्होंने बताया कि कंपनियों से नया स्टॉक लगातार मंगाया जा रहा है और ग्राहकों के लिए एक्सचेंज बोनस, कम डाउन पेमेंट और आसान फाइनेंस विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फाइनेंस कंपनियों को भी पहले से अलर्ट किया गया है ताकि मेले के दौरान कोई रुकावट न आए।

बेहतरीन कारोबार की उम्मीद:
पमनानी ने कहा कि पुराने ट्रेंड और बढ़ती पूछताछ को देखते हुए डीलरों को उम्मीद है कि इस बार भी उज्जैन मेला ऑटो सेक्टर के लिए फायदे का सौदा साबित होगा। अगर ग्राहकों का रुझान पिछले वर्षों जैसा रहा, तो मेले के दौरान रिकॉर्ड बुकिंग और डिलीवरी होने की संभावना जताई जा रही है।
महंगी और प्रीमियम कारों पर भी फायदा:
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेले में बजट और एसयूवी कारों के खरीदारों को अधिक फायदा होता है। साथ ही, प्रीमियम और हाई-एंड कारों जैसे रेंज रोवर, मर्सडीज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी की बुकिंग भी पहले से हो जाती है।
पिछले साल मिला था 186 करोड़ का राजस्व:
बीते साल मेला सफल रहा था। रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलने के कारण लोगों ने जमकर वाहन खरीदे। 43 दिनों में 36,313 वाहन (28,451 कार, 7,772 स्कूटर/बाइक) बिके। इससे प्रदेश सरकार को 186 करोड़ रुपए का राजस्व मिला। वहीं ग्राहकों ने भी इतने ही राशि की छूट का लाभ उठाया। 2024 में पहली बार मेला आयोजित हुआ था, तब 40 दिन में 23,705 वाहन बिके थे।