बीना/खुरई | बीना और खुरई में नववर्ष का स्वागत पूरे उत्साह, उल्लास और धार्मिक आस्था के साथ किया गया। 31 दिसंबर की रात शहर और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने आतिशबाजी कर नए साल का जश्न मनाया। परिवार और मित्रों के साथ लोगों ने बीते वर्ष को विदाई दी और नए साल का अभिनंदन किया। वहीं, गुरुवार की सुबह होते ही श्रद्धालु मंदिरों की ओर उमड़ पड़े और पूजा-अर्चना कर नववर्ष की शुभ शुरुआत की।
रात में जश्न, सुबह पूजा-पाठ
नववर्ष की पूर्व संध्या पर बाजारों और आवासीय इलाकों में चहल-पहल देखने को मिली। युवाओं के साथ-साथ परिवारों ने भी आतिशबाजी कर खुशियां साझा कीं। आधी रात के बाद नए साल के आगमन पर लोगों ने एक-दूसरे को बधाइयां दीं।
सुबह होते ही माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु जल्दी उठकर मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे और भगवान से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

हनुमान मंदिरों में पाठ और भजन
बीना और खुरई के कई हनुमान मंदिरों में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। भक्तों ने भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान हनुमान की आराधना की और परिवार की खुशहाली व अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की। मंदिर परिसरों में “जय बजरंग बली” के जयकारे गूंजते रहे।

शिव मंदिरों में जलाभिषेक, उमड़ी भीड़
नववर्ष के पहले दिन शिवभक्तों में खास उत्साह देखने को मिला। बीना और खुरई के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही जलाभिषेक के लिए भक्तों की भीड़ जुट गई।
भक्तों ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा, भांग और पुष्प अर्पित किए। बीना के जटाशंकर मंदिर और महादेव घाट, जबकि खुरई के भूतेश्वर मंदिर में सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं।

प्रमुख मंदिरों में लगी कतारें
बीना में गुलोआ स्थित हनुमान मंदिर, मां जागेश्वरी देवी मंदिर, कटरा स्वामी मंदिर और स्टेशन रोड हनुमान मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
वहीं खुरई में किला देवी मंदिर, महाकाली मंदिर, पुराना हनुमान मंदिर और सिद्धि सागर हनुमान मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।

ठाकुर बाबा और जलंधर ज्वाला देव मंदिर में भी उमड़ा जनसैलाब
नववर्ष के अवसर पर ठाकुर बाबा मंदिर और जलंधर ज्वाला देव मंदिर में भी श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। भक्तों ने प्रसाद चढ़ाया और भगवान से पूरे वर्ष के लिए मंगलकामनाएं मांगीं।
सुबह 5 बजे से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला
पंडित सुनील शास्त्री ने बताया कि नववर्ष के पहले दिन सुबह करीब 5 बजे से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। कई मंदिरों में सुंदरकांड, हनुमान चालीसा और दुर्गा चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया।
लोगों का मानना है कि नए साल की शुरुआत भगवान के दर्शन और पूजा-पाठ से करने पर पूरा वर्ष शुभ और मंगलमय रहता है। इसी विश्वास के साथ बीना और खुरई में श्रद्धालुओं ने आस्था, श्रद्धा और भक्ति के साथ नववर्ष का पहला दिन मनाया।