सागर। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर पूरा सागर शहर भक्ति और उत्साह के रंग में डूब गया। रात होते ही शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से निकली आठ से अधिक भव्य शिव बारातों ने वातावरण को “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। डीजे की गूंजती धुन, सजीव झांकियां, अखाड़ों के हैरतअंगेज करतब और आकर्षक विद्युत सज्जा ने श्रद्धालुओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध बनाए रखा।
डीजे, झांकियां और अखाड़ों के करतब बने आकर्षण
इस बार शिव बारातों में पारंपरिक बैंड-बाजों की जगह डीजे की धुनों ने युवाओं को खासा आकर्षित किया। भगवान शिव, माता पार्वती, नंदी, भूत-प्रेत गण और विभिन्न पौराणिक प्रसंगों पर आधारित झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। जगह-जगह अखाड़ों के कलाकारों ने तलवारबाजी, अग्नि-क्रीड़ा और शारीरिक कौशल का प्रदर्शन कर तालियां बटोरीं।

शहर के प्रमुख मार्गों पर बारातों के स्वागत के लिए मंच बनाए गए थे, जहां पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ का स्वागत किया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा।
चंपाबाग लक्ष्मीपुरा की बारात बनी शाही
चंपाबाग लक्ष्मीपुरा क्षेत्र की शिव बारात इस वर्ष खास आकर्षण का केंद्र रही। पहले मुखौटे के साथ निकलने वाली यह बारात अब शाही स्वरूप में परिवर्तित हो चुकी है। इस बार बाबा की 51 किलो वजनी अष्टधातु प्रतिमा को रथ पर विराजित कर भव्य शोभायात्रा निकाली गई।
तीनबत्ती क्षेत्र में पहुंचते ही आतिशबाजी और रंग-बिरंगी रोशनी ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देर रात तक दर्शन के लिए उमड़ी रही।
श्रद्धालुओं में दिखा अपार उत्साह
बारातों के मार्गों पर श्रद्धालुओं ने प्रसाद वितरण, जलपान और भंडारों का आयोजन किया। महिलाएं और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए तो युवाओं ने नृत्य कर उत्सव का आनंद लिया। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन भी आयोजित हुए।