सागर। जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सागर पुलिस द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स के वार्षिक प्रशिक्षण शिविर में यातायात पुलिस द्वारा विशेष यातायात जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कैडेट्स को जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में आयोजित किया गया। वहीं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. संजीव उइके एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक यातायात के नेतृत्व में यातायात पुलिस टीम ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाया।

कार्यक्रम में थाना प्रभारी यातायात मोहन सिंह ठाकुर एवं यातायात पुलिस स्टाफ ने लगभग 400 एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को “सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा” विषय पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं के कारण, उनसे होने वाले नुकसान और दुर्घटनाओं को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस अधिकारियों ने वर्ष 2025 के सड़क दुर्घटना आंकड़ों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिला सागर के विभिन्न क्षेत्रों में हुई सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 570 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने इसे अत्यंत गंभीर और चिंताजनक स्थिति बताया। उन्होंने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं लापरवाही, तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और नशे की हालत में वाहन चलाने के कारण होती हैं।
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि लोग थोड़ी सावधानी बरतें और नियमों का पालन करें, तो बड़ी संख्या में दुर्घटनाओं और मौतों को रोका जा सकता है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता लाकर सड़क हादसों में कमी करना और बहुमूल्य मानव जीवन को सुरक्षित रखना है।

हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व पर दिया जोर
कार्यक्रम में कैडेट्स को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने की अनिवार्यता के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए जरूरी है। सड़क दुर्घटना के दौरान सिर में लगने वाली गंभीर चोटों से बचाव के लिए हेलमेट सबसे प्रभावी सुरक्षा साधन है।
इसी प्रकार चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने के महत्व पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सीट बेल्ट वाहन दुर्घटना के दौरान व्यक्ति को गंभीर चोटों से बचाती है और कई मामलों में जीवन रक्षक साबित होती है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वाहन चलाते समय छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
मोबाइल फोन और नशे में ड्राइविंग से बचने की सलाह
प्रशिक्षण कार्यक्रम में वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग को बेहद खतरनाक बताया गया। अधिकारियों ने कहा कि मोबाइल पर बात करना या मैसेज देखना चालक का ध्यान सड़क से भटका देता है, जिससे दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
इसके साथ ही नशे की हालत में वाहन चलाने के गंभीर परिणामों के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शराब या अन्य नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन चलाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह स्वयं और दूसरों के जीवन के लिए भी बड़ा खतरा है।

रेड लाइट और यातायात संकेतों का पालन जरूरी
यातायात पुलिस ने कैडेट्स को तिराहों एवं चौराहों पर रेड लाइट का पालन करने, सड़क पर लगे संकेतकों और प्रतीक चिन्हों को समझने तथा उनका अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन करना केवल व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व भी है।
उन्होंने बताया कि कई बार लोग जल्दबाजी में रेड लाइट तोड़ देते हैं, गलत दिशा में वाहन चलाते हैं या ओवरस्पीडिंग करते हैं, जिसके कारण गंभीर हादसे हो जाते हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
“गोल्डन ऑवर” में मदद से बच सकती है जान
कार्यक्रम के दौरान सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों की सहायता करने के महत्व पर भी विशेष जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा “गोल्डन ऑवर” कहलाता है। यदि इस दौरान घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा कैशलेस उपचार योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके तहत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। लोगों से अपील की गई कि सड़क हादसा देखने पर घायल की मदद करने से पीछे न हटें।

एनसीसी कैडेट्स ने लिया जागरूकता फैलाने का संकल्प
कार्यक्रम में गर्ल्स बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर सुजीत देशमुख की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने सागर पुलिस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में एनसीसी गर्ल्स कैडेट्स ने यातायात नियमों का पालन करने तथा समाज में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। कैडेट्स ने कहा कि वे स्वयं नियमों का पालन करेंगी और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगी।
सागर पुलिस का यह अभियान न केवल सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में भी प्रभावी प्रयास साबित हो रहा है।