सागर। जिले के जैसीनगर-भापेल मार्ग पर रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा होते-होते टल गया। तेज रफ्तार ट्रक और कार के बीच आमने-सामने हुई जोरदार भिड़ंत में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी भयावह थी कि ट्रक कार को लगभग 20 फीट तक घसीटते हुए ले गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जुट गई। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में किसी की जान नहीं गई और प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

जानकारी के अनुसार, जैसीनगर निवासी प्रदीप चौरसिया अपने परिवार के साथ छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के दर्शन करने गए थे। रविवार सुबह दर्शन कर पूरा परिवार कार से वापस अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान जैसीनगर-भापेल रोड पर राजाखोय बड़े पुल के पास घाटी क्षेत्र में सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से उनकी कार की भिड़ंत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना स्थल के समीप सड़क किनारे पिछले तीन दिनों से राखड़ से भरा एक कंटेनर खड़ा हुआ था। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक उसी खड़े कंटेनर को ओवरटेक करने का प्रयास कर रहा था। ओवरटेकिंग के दौरान ट्रक सामने से आ रही कार की लेन में पहुंच गया, जिससे दोनों वाहनों के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रक कार को करीब 20 फीट तक घसीटता हुआ ले गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर पहुंचे। लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और कार में फंसे घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
घटना के बाद कुछ देर के लिए मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों को मामूली चोटें आई थीं और उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां सड़क किनारे कई दिनों से कंटेनर खड़ा था, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा था। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते खड़े वाहन को हटाया जाता तो संभवतः यह दुर्घटना नहीं होती। क्षेत्रवासियों ने सड़क पर लंबे समय तक खड़े रहने वाले भारी वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही जैसीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। जांच के दौरान दुर्घटना से जुड़े साक्ष्य भी एकत्र किए गए।
पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ओवरटेकिंग को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वाहन चालकों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि घाटी और पुल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ओवरटेकिंग करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे स्थानों पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन जाती है। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े भारी वाहन भी दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनते हैं।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। वहीं हादसे में घायल परिवार सुरक्षित होने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और यातायात व्यवस्था की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।