इंदौर। शहर के खजराना थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब एक कॉलोनी के पास कचरे के ढेर में नवजात शिशु का शव मिला। शव बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में पड़ा था और उसके आसपास आवारा कुत्ते मंडरा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया। मामले ने एक बार फिर मानवता को झकझोर कर रख दिया है।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने झुग्गी बस्ती के पास कचरे के ढेर में किसी नवजात के शव जैसा कुछ देखा। पास जाकर देखने पर लोगों के होश उड़ गए। वहां एक नवजात शिशु का शव पड़ा था, जिसे आवारा कुत्ते नोचने का प्रयास कर रहे थे। यह दृश्य देखकर लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही एफआरवी और खजराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर शव को सुरक्षित बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल रवाना किया। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जमा हो गई और लोगों ने इस अमानवीय कृत्य पर नाराजगी जताई।
खजराना थाना प्रभारी मनोज सेंधव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मृत नवजात लगभग 6 से 7 माह का प्री-मैच्योर बच्चा प्रतीत हो रहा है। शव की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि उसे कुछ समय पहले ही वहां फेंका गया होगा। हालांकि नवजात की मौत जन्म से पहले हुई या जन्म के बाद, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात को वहां किसने फेंका और इसके पीछे क्या कारण रहे। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही क्षेत्र के लोगों और आसपास रहने वाले नागरिकों से पूछताछ भी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कैमरों और स्थानीय जानकारी के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
जांच के दौरान पुलिस इस पहलू पर भी ध्यान दे रही है कि कहीं यह अवैध गर्भपात या प्रसव के बाद नवजात को ठिकाने लगाने का मामला तो नहीं है। आसपास के निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और सोनोग्राफी केंद्रों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान के पास शव मिला है, वहां अक्सर लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी व्यक्ति द्वारा रात के अंधेरे में शव फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। लोगों ने प्रशासन से मामले की गंभीर जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
इस घटना ने कुछ दिन पहले सामने आए एक अन्य मामले की भी याद ताजा कर दी है। हाल ही में एमवाय अस्पताल के बाथरूम में भी एक नवजात का शव मिला था। उस मामले में भी पुलिस जांच कर रही है, लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी तक नहीं पहुंचा जा सका है।
जानकारी के अनुसार, जिस क्षेत्र में नवजात का शव मिला है, उसके पास एमवाय अस्पताल का सोनोग्राफी विभाग भी स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच के लिए पहुंचती हैं। हालांकि फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में समाज को भी संवेदनशील होने की आवश्यकता है। यदि किसी महिला को सामाजिक, आर्थिक या पारिवारिक कारणों से परेशानी हो, तो उसे उचित परामर्श और सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके बाद शव को कचरे के ढेर में फेंका गया या नहीं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। कचरे के ढेर में मिले नवजात के शव ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और लोग इस अमानवीय कृत्य के पीछे जिम्मेदार व्यक्ति की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे हैं।