कलेक्ट्रेट में जनसुनवाई: 215 आवेदनों पर सुनवाई, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश !

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सागर। आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से कलेक्टर कार्यालय में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसमें आज कुल 215 नागरिकों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कीं। इस दौरान अधिकारियों ने प्रत्येक आवेदक की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागों को शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।

राज्य शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली इस जनसुनवाई का उद्देश्य आमजन को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे सीधे प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रख सकें। इसी क्रम में आज कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसुनवाई में जिले के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों में राजस्व संबंधी विवाद, भूमि सीमांकन, नामांतरण, अतिक्रमण, पेयजल आपूर्ति, विद्युत समस्याएं, सड़क निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राशन वितरण तथा अन्य शासकीय योजनाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से शामिल रहीं। कई आवेदनों में हितग्राहियों ने योजनाओं का लाभ समय पर न मिलने की शिकायत भी की, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित विभागों को तत्काल जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इस दौरान उपस्थित अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, सिटी मजिस्ट्रेट श्री गगन विसेन, डिप्टी कलेक्टर श्री विजय डेहरिया, श्री रजत सोनी, तहसीलदार श्री राहुल गौड़ एवं श्री संदीप तिवारी सहित अन्य अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर ही समाधान के प्रयास किए। जिन मामलों का तत्काल निराकरण संभव था, उन्हें वहीं निपटाया गया, जबकि शेष मामलों के लिए समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह प्रशासन की जवाबदेही और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करें और आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि हर शिकायत का निराकरण पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से हो।

जनसुनवाई के दौरान कई ऐसे मामले भी सामने आए, जिनमें लंबे समय से समस्या का समाधान नहीं हो पाया था। इन मामलों पर अधिकारियों ने विशेष ध्यान देते हुए संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि गंभीर मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्वयं निगरानी की जाए।

इस अवसर पर अधिकारियों ने आवेदकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी और उन्हें पात्रता के अनुसार लाभ प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन किया। कई लोगों को मौके पर ही आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई, जिससे उन्हें भविष्य में परेशानी का सामना न करना पड़े।

जनसुनवाई में शामिल नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से उन्हें अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखने का अवसर मिलता है और समाधान की उम्मीद भी बढ़ती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने विशेष रूप से इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों का रिकॉर्ड रखा जाता है और उनके निराकरण की नियमित समीक्षा की जाती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी मामला लंबित न रहे और समय-सीमा के भीतर उसका समाधान किया जा सके।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए साप्ताहिक जनसुनवाई की व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत प्रत्येक मंगलवार को कलेक्ट्रेट में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। यह पहल प्रशासन और जनता के बीच संवाद को सशक्त बनाने के साथ-साथ सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

इस प्रकार आज की जनसुनवाई में 215 मामलों की सुनवाई कर प्रशासन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आमजन की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों की सक्रियता और संवेदनशीलता से यह विश्वास मजबूत हो रहा है कि शासन की योजनाएं और व्यवस्थाएं आम नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंच रही हैं।

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