सागर। बढ़ते वैश्विक जल संकट के मद्देनज़र सागर जिले से “सागर से सागर तक” अभियान की शुरुआत की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जल संरक्षण और पर्यावरण से जुड़े विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लेकर अभियान को प्रभावी बनाने के सुझाव दिए।
बैठक में निर्देशक डॉ. तरुण कुमार बरौनिया, समाजसेवी शिक्षाविद अजय श्रीवास्तव, पर्यावरणविद रॉबिन सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने जल संरक्षण की वर्तमान चुनौतियों और भविष्य में संभावित संकटों पर चिंता व्यक्त करते हुए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में मौजूद सभी जल स्रोतों—नदियों, झरनों, तालाबों और अन्य छोटे स्रोतों—का सूक्ष्म अध्ययन किया जाए। उन्होंने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया कि इन जल स्रोतों की विस्तृत जानकारी एकत्रित कर उनका दस्तावेजीकरण किया जाए, ताकि आगे चलकर उनका भौतिक सत्यापन और संरक्षण कार्य प्रभावी ढंग से किया जा सके।

कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें और अपने स्तर पर जल संरक्षण के प्रयास करें।
बैठक में अभियान से जुड़े सदस्यों ने विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए, जिनमें वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना, पारंपरिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन, जल संरक्षण के प्रति जागरूकता अभियान चलाना तथा स्कूल-कॉलेज स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करना शामिल रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रभावी उपाय नहीं किए गए, तो भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है।
अभियान में श्री श्याम तिवारी ने सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया और संगठन के कार्यकर्ताओं से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी है, जिसे सभी को मिलकर निभाना होगा।
जिले में इस अभियान का नेतृत्व जिला संयोजक भगवान दास पाठक करेंगे, जो विभिन्न स्तरों पर समन्वय स्थापित कर अभियान को गति देंगे। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम, श्रमदान, जल स्रोतों की सफाई और संरक्षण कार्य किए जाएंगे।
समाजसेवी अजय श्रीवास्तव ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे अपने घरों और आसपास जल के संरक्षण के उपाय अपनाएं और इस अभियान का हिस्सा बनें।
बैठक में यह भी तय किया गया कि अभियान के तहत विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर एक समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके माध्यम से जल संरक्षण के प्रयासों को अधिक प्रभावी और परिणामदायी बनाया जाएगा।
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने अंत में कहा कि “सागर से सागर तक” अभियान जिले के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा, जो न केवल जल संकट के समाधान में सहायक होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम होगा। उन्होंने सभी अधिकारियों और नागरिकों से इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की।
इस प्रकार सागर जिले से शुरू होने वाला यह अभियान जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नई दिशा देने वाला प्रयास साबित हो सकता है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।