कामायनी एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो जाने का मामला सामने आया है। यह घटना सागर और खुरई के बीच रेलखंड पर हुई, जहां यात्रा के दौरान यात्री को सीने में तेज दर्द उठा और कुछ ही समय में हालत गंभीर हो गई। समय रहते इलाज की कोशिश की गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान कैलाश (45) के रूप में हुई है, जो उल्हासनगर के निवासी थे। वे अपने भतीजे की शादी में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के सादात गांव गए थे। परिवार में शादी का माहौल था और सभी खुशी के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए थे। शादी संपन्न होने के बाद कैलाश अपने घर लौट रहे थे। वे औड़ियार रेलवे जंक्शन से कामायनी एक्सप्रेस में सवार होकर कल्याण, मुंबई की ओर जा रहे थे।
परिजनों के अनुसार, यात्रा के दौरान सब कुछ सामान्य था। कैलाश पूरी तरह स्वस्थ दिखाई दे रहे थे और सहयात्रियों से बातचीत भी कर रहे थे। लेकिन जैसे ही ट्रेन सागर और खुरई के बीच पहुंची, अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। दर्द इतना अधिक था कि वे असहज हो गए और बैठ भी नहीं पा रहे थे। उनके साथ मौजूद परिजनों ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए ट्रेन स्टाफ को सूचना दी।

रेलवे कर्मचारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत खुरई रेलवे स्टेशन को अलर्ट किया। जैसे ही ट्रेन खुरई स्टेशन पहुंची, वहां पहले से 108 एम्बुलेंस तैनात कर दी गई थी। स्टेशन पर ही प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की गई, लेकिन हालत नाजुक बनी रही। इसके बाद उन्हें तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से सिविल अस्पताल ले जाया गया।
सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने कैलाश की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। हालांकि अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का कहना है कि कैलाश को पहले कभी कोई गंभीर बीमारी नहीं थी और वे पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे थे। शादी जैसे खुशहाल मौके से लौटते समय इस तरह की घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। जो घर खुशियों से भरा था, वहां अचानक मातम छा गया।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी यात्रा के दौरान थकान, गर्मी, तनाव और अनियमित खानपान के कारण हृदय संबंधी समस्याएं अचानक सामने आ सकती हैं। विशेष रूप से 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को यात्रा के दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। यदि किसी को सीने में दर्द, घबराहट, पसीना आना या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत नजदीकी चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

यह घटना रेलवे यात्राओं के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्परता को भी दर्शाती है, जहां सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। हालांकि इस मामले में जान नहीं बचाई जा सकी, लेकिन समय पर प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि आपात स्थितियों से निपटने के लिए व्यवस्थाएं सक्रिय हैं।
फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घटना ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि यात्रा के दौरान स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है।